भारत के साथ कूटनीतिक भागीदारी बढ़ाने का इच्छुक है अमेरिका
वाशिंगटन, 15 मई (आईएएनएस)। आतंकवाद से निपटने और वैश्विक अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने जैसे समान हितों को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन भारत के साथ सामरिक भागीदारी बढ़ाने का इच्छुक है।
यह विचार दक्षिण और मध्य एशिया के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा मनोनीत रॉबर्ट ओ ब्लेक ने सीनेट की विदेशी मामलों संबंधी समिति के सामने गुरुवार को व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि समान हितों और मूल्यों की वजह से अमेरिका भारत से सामरिक भागीदारी बढ़ाना चाहता है।
उन्होंने कहा कि हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के अलावा आतंकवाद से निपटने, व्यापक संहार की क्षमता वाले हथियारों का प्रसार रोकने, वैश्विक अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, जलवायू परिवर्तन से निपटने, और विश्व व्यापार वार्ता को फिर से शुरू करने के मामले में हमारे हित समान हैं।
ब्लेक ने कहा, "भारत जीवंत लोकतंत्र और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला देश है और वह दक्षिण मध्य एशिया के लिए स्थायित्व तथा अवसर का वाहक साबित हो सकता है।"
ब्लेक ने इस बात की पुष्टि की कि वह विदेश विभाग में दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के सहायक मंत्री होंगे और वे रिचर्ड बाउचर का स्थान लेंगे।
उन्होंने कहा कि दूनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते भारत को कुछ क्षेत्रीय न्ंो ेताओं की जोखिमभरी भ्रांतियों का सामना करना पड़ता है कि लोकतंत्र आर्थिक तरक्की में रुकावट आती है। ब्लेक ने कहा कि अमेरिका अपनी अर्थव्यवस्था में नए प्राण फूंकना चाहता है जबकि भारत निवेश के अहम अवसर मुहैया करा सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में भारत को अमेरिकी निर्यात पांच अरब डॉलर था जो 2008 में बढ़कर 19 अरब डॉलर हो गया।
उन्होंने कहा कि मध्य वर्ग के प्रसार और इस वर्ष अनुमानित पांच प्रतिशत की विकास दर के बीच भारत क्षेत्रीय समृद्धि का केंद्र बन सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत में मध्य वर्ग का आकार अमेरिका कुछ आबादी जितना है और आने वाले 20 साल में इसके बढ़कर 58 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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