अमरीकी अधिकारी से मुलाक़ात पर विवाद

अमरीका के भारत में 'चार्ज डे अफ़ेयर्स' पीटर बरली ने भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी और तेलुगूदेशम पार्टी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू से मुलाक़ात की थी.
इस मुलाक़ात को लेकर कम्युनिस्ट पार्टियों ने रोष व्यक्त किया है.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीपीएम के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने संवादताताओं से बातचीत करते हुए कहा, "यदि वे मुलाक़ात कर इस बात का पता लगा रहे हैं भारतीय राजनीति में क्या हो रहा है तो और बात है. लेकिन जैसा कि ख़बरों से पता चला है कि अमरीकी अधिकारी नेताओं से यह कह रहे हैं कि वे किसे समर्थन करें, भारत में किसकी सरकार बननी चाहिए. यदि यह सही है तो मुझे लगता है कि ये भारत में आंतरिक मामलों में यह हस्तक्षेप है."
जैसा कि ख़बरों से पता चला है कि अमरीकी अधिकारी नेताओं से यह कह रहे हैं कि वे किसे समर्थन करें, भारत में किसकी सरकार बननी चाहिए. यदि यह सही है तो मुझे लगता है कि भारत में आंतरिक मामलों में यह हस्तक्षेप है सीताराम येचुरी, सीपीएम के वरिष्ठ नेता
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उन्होंने कहा कि इससे अमरीका का साम्राज्यवादी चरित्र फिर से उभरा है और वे अन्य स्वतंत्र देशों के आंतरिक मामलों में दख़ल दे रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अमरीकी दूतावास ने बरली की भारतीय नेताओं से मुलाक़ात को 'आम परामर्श' का हिस्सा बताया है और कहा है कि देश की राजनीतिक गतिविधियों से इसका कोई लेना-देना नहीं है.
बरली ने पाँचवें और अंतिम चरण के मतदान वाले दिन यानी 13 मई को आडवाणी से मुलाक़ात की थी जबकि 11 और 12 मई को आंध्र प्रदेश की यात्रा के दौरान वह वहाँ के नेताओं से मिले थे.
बरली ने आंध्र प्रदेश में राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी के साथ ही तेलुगूदेशम् के नेता एन चंद्रबाबू नायडू और प्रजाराज्यम् के नेता चिरंजीवी से भी मुलाक़ात की थी.


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