'भारतीय राजनीति में दखल न दे अमेरिका'

सीताराम येचुरी का आरोप है कि इस तरह की मलाकातों के जरिये अमेरिका भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है। इस प्रकार का हस्तक्षेप काफी गंभीर है और अमेरिका के सामंतवादी चरित्र का खुलासा करती हैं। नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत में येचुरी नेक हा कि भारतीय राजनीति में क्या चल रहा है, वो जानने का हक अमेरिका को है, लेकिन राजनीतिक मुद्दों में हस्तक्षेप करने का हक नहीं।
हैदराबाद भी गये अमेरिकी दूत
नई दिल्ली में मुख्य मिशन को चला रहे बरले पिछले एक महीने से दिल्ली में हैं और मंगलवार को हैदराबाद गये थे, जहां उन्होंने तेलगूदेसम प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू और प्रजा राज्यम पार्टी के प्रमुख चिरंजीवी से मुलाकात की। मीडिया के एक वर्ग ने इस मुलाकात को कुछ इस तरह पेश किया कि अमेरिकी दूत चंद्रबाबू नायडू से तीसरे मोर्चे को समर्थन देने को मना कर रहे हैं। हालांकि इन खबरों का अमेरिकी दूतावास ने खंडन किया।
गौरतलब है कि अमेरिकी सरकार भारत के लोकसभा चुनावों पर अपनी नजरें गढ़ाये हुए हैं। उधर अमेरिका-भारत के बीच परमाणु समझौता भी वाम दलों को रास नहीं आया था। ऐसे में वाम दल इस प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिक्रिया देने से नहीं चूक रहे हैं।


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