सुरक्षा परिषद श्रीलंका की स्थिति पर चिंतित

सुरक्षा परिषद की ओर से जारी बयान में पूर्वोत्तर श्रीलंका में 'गहराते मानवीय संकट' पर 'गंभीर चिंता' ज़ाहिर की गई है.
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी श्रीलंकाई सेना से नागरिकों पर हमले बंद करने और तमिल विद्रोहियों को हथियार डालने की अपील की है.
ग़ौरतलब है ये अपील उस समय आई है जब हाल ही में एलटीटीई के नियंत्रण वाले क्षेत्र में 50 से अधिक आम नागरिक तब मारे गए थे जब एक बड़े अस्पताल में गोलाबारी हुई थी. लेकिन श्रीलंका की सेना ने इसका खंडन किया था.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य पूर्वोत्तर श्रीलंका में गहराते मानवीय संकट पर अपनी चिंता ज़ाहिर करता है और पिछले दिनों सैकड़ों नागरिक के हताहतों की ख़बरों से चिंतित है सुरक्षा परिषद का बयान
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श्रीलंका की सरकार और तमिल विद्रोही इस तरह की घटनाओं के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराते आए हैं.
सुरक्षा परिषद चिंतित
सुरक्षा परिषद ने अपने बयान में कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य पूर्वोत्तर श्रीलंका में गहराते मानवीय संकट पर अपनी चिंता ज़ाहिर करते हैं और पिछले दिनों सैकड़ों नागरिक के हताहत होने की ख़बरों से चिंतित हैं."
परिषद ने अपने बयान में एलटीटीआई की वर्षों चली चरमपंथी गतिविधियों की भी निंदा की है और विद्रोहियों से अपील की है कि वे हथियार त्याग दें और हज़ारों की तादाद में फंसे आम नागिरकों को संघर्ष क्षेत्र से बाहर निकलने दें.
संयुक्त राष्ट्र ने सेना की ओर से जारी भारी गोलाबारी की भी निंदा की है.
ओबामा की अपील
बराक ओबामा के अनुसार तमिल विद्रोहियों को हथियार डाल देने चाहिए
ग़ौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि पूर्वोत्तर श्रीलंका में संघर्ष वाले क्षेत्र में सेना और विद्रोहियों के घमासान के कारण लगभग 50 हज़ार आम लोग फंसे हुए हैं.
श्रीलंका की सेना का आरोप है कि तमिल विद्रोही आम नागिरकों को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वॉशिंगटन में कहा है कि श्रीलंका की सरकार निर्दोष नागरिकों पर बमबारी बंद करे और संयुक्त राष्ट्र की राहत टीमों को संघर्ष वाले इलाक़े में जाने की इजाज़त दे.
ओबामा ने कहा, "तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के लड़ाकों को हथियार डाल देने चाहिए और आम नागरिकों को ढाल के रूप में इस्तेमाल करना बंद करना चाहिए."


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