आईटी-बीपीओ में महिलाओं की संख्या बढ़ी

सर्वे में देश की 45 प्रमुख टेक्नॉलजी कंपनियों को शामिल किया गया। सर्वे के मुताबिक, आईटी-बीपीओ कंपनियों की ट्रांसपोर्ट पॉलिसी, छुट्टी के नियम और ऑफिस टाइमिंग में ढील ने इन लड़कियों को ऐसी कंपनियों की तरह आकर्षित होने में प्रमुख भूमिका निभाई है।
साथ ही कंपनियों की एंटी-हैरेंसमेंट पॉलिसी, हेल्थकेयर और जागरूकता कार्यक्रमों ने भी लड़कियों को अपनी तरफ खींचा है। नैस्कॉम की वाइस प्रेजिडेंट संगीता गुप्ता का कहना है कि महिला-पुरुष में भेदभाव खत्म करने में आईटी-बीपीओ इंडस्ट्री ने हाई स्टैंडर्ड तय किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस इंडस्ट्री के वर्कफोर्स का अहम हिस्सा बन चुकी हैं और इस इंडस्ट्री के ग्रोथ में महत्वपूर्ण फैक्टर बन गई हैं।
सर्वे में कहा गया है कि भारत में कामकाजी महिलाओं की संख्या दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा है। इसका काफी हद तक श्रेय आईटी-बीपीओ इंडस्ट्री में महिलाओं की बढ़ती तादाद को जाता है। सर्वे में कहा गया है कि भारत के कुल 40 करोड़ वर्कफोर्स में 30-35 परसेंट हिस्सेदारी महिलाओं की है।


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