बिनायक सेन की रिहाई को लेकर जारी है संघर्ष

पुरस्कार विजेता बाल रोग विशेषज्ञ सेन को गरीबों की सेवा के लिए जाना जाता है। उन्हें नक्सलियों से संबंध रखने के आरोप में 14 मई 2007 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जबकि उनके परिजन और उनके मित्र सेन पर लगाए गए इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं।

सेन की रिहाई की मांग को लेकर रैली का आयोजन पीपुल्स युनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) और अन्य सामाजिक व मानवाधिकार संगठनों की ओर से किया गया। आयोजन का नाम मुक्ति उत्सव रखा गया था।

पीयूसीएल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सेन (59) पर जेल में बंद एक नक्सली नेता नारायण सान्याल से संबंधित पत्र रखने का आरोप है।

सेन को बिलासपुर शहर से गिरफ्तार किया गया था और उन्हें छत्तीसगढ़ विशेष सुरक्षा कानून और अनधिकृत गतिविधि निरोधक कानून के तहत निरुद्ध कर जेल भेज दिया गया था। तभी से वह रायपुर केंद्रीय कारागार में बंद हैं।

बिनायक सेन की पत्नी इलिना सेन ने आईएएनएस को दिल्ली से फोन पर बताया, "छत्तीसगढ़ सरकार ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है। वह जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। सेन के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप अदालत में झूठे साबित हो रहे हैं। उन्हें हर हाल में तत्काल रिहा किया जाना चाहिए।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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