तालिबान के खिलाफ युद्ध में विजयी होंगे : गिलानी (लीड-2)
इस बीच पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने गुरुवार को देश के अशांत उत्तर-पश्चिम में स्वात घाटी का औचक दौरा किया। यहां सुरक्षा बल तालिबान के खिलाफ अभियान चला रहे हैं जिसमें अब तक करीब 822 तालिबानी आतंकवादियों की मौत हो चुकी है।
संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) में जारी सैन्य अभियान पर बहस में हस्तक्षेप करते हुए गिलानी ने कहा कि हम इस युद्ध में विजयी होंगे लेकिन यदि जनता के हितों का ध्यान नहीं रखा गया तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
एनडब्ल्यूएफपी के तीन जिलों में जारी लड़ाई के कारण आंतरिक रूप से विस्थापित हुए करीब 10 लाख लोगों का हवाला देते हुए गिलानी ने कहा,"वे हमारे भाई, बहन और बच्चे हैं और हमें उनका दिल तथा दिमाग जीतना होगा।"
प्रधानमंत्री के अनुसार पाकिस्तान के लोगों में विस्थापित लोगों के प्रति वही प्रेम और जुनून है जो वर्ष 2005 में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आए भूकंप के बाद विस्थापित हुए 33 लाख लोगों के प्रति था।
भूकंप में 80,000 लोगों की मौत भी हुई थी। भारतीय कश्मीर में भी 1,400 लोगों की मौत हुई थी।
गिलानी ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी सेना अध्यक्ष जनरल परवेज अशफाक कयानी शुक्रवार को सैन्य अभियान के बारे में संसद को जानकारी देंगे।
जियो टीवी ने सूत्रों के हवाले से कहा कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख कयानी गुरुवार को स्वात घाटी के दौरे में तालिबान के साथ संघर्ष में सेना का नेतृत्व करने वाले कमांडरों से मिले। इस दौरान उन्हें अभियान की प्रगति के बारे में बताया गया। कयानी का यह दौरा संकेत करता है कि तालिबान के खिलाफ सेना लगातार आगे बढ़ रही है।
उधर गुरुवार को पाकिस्तानी मीडिया ने सैन्य कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा कि तालिबान के खिलाफ सेना ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। समाचार पत्र 'डॉन' ने एक लेख में कहा गया कि अब यह स्पष्ट है कि हाल के दिनों में सेना ने महत्वपूर्ण प्रगति की है और तालिबान रक्षात्मक स्थिति में है।
बीती रात सैन्य कार्रवाई में 60 और आतंकवादी मारे गए, इससे सुरक्षा बलों के अभियान में मरने वाले आतंकवादियों की संख्या 822 हो गई है।
जियो टीवी ने बताया कि निचले दीर के प्रशासक (नाजिम)के आवास को सुरक्षा बलों ने उड़ा दिया, जिससे 60 आतंकवादी मारे गए। इस भवन पर तालिबान ने कब्जा कर लिया था। हमले में आवास पूरी तरह ध्वस्त हो गया।
निचले दीर के मैदान और कालपानी उपजिलों में भी सेना ने तालिबान के कई मजबूत ठिकानों को तबाह कर दिया। पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) के स्वात, बुनेर और दीर जिलों में सेना का अभियान गुरुवार को 19 वें दिन में प्रवेश कर गया।
सुरक्षा बलों ने बुधवार को स्वात के तालिबान कमांडर मौलाना फजलुल्लाह के मुख्यालय पुछार पर कब्जा करके एक बड़ी कामयाबी हासिल की। फजलुल्लाह तालिबान समर्थक मौलाना सूफी मोहम्मद का दामाद है। सूफी मोहम्मद ने ही उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत सरकार और तालिबान के बीच विवादास्पद शांति समझौता करवाया था, जिसका तालिबान द्वारा उल्लंघन किए जाने पर 26 अप्रैल को सैनिक कार्रवाई शुरू की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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