श्रीलंका ने संयुक्त राष्ट्र की अपील ठुकराई, नागरिकों का पलायन (लीड-1)
प्रवक्ता ने कहा कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के कब्जे वाले तटीय इलाके से कम से कम 1,000 नागरिक एक झील को पारकर सेना के प्रभाव वाले इलाके में पहुंचे।
उधर श्रीलंका सरकार ने तमिल टाइगरों पर हमले बंद करने के संयुक्त राष्ट्र के आह्वान को ठुकराते हुए कहा कि वह अंतर्राष्ट्रीय दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने युद्ध को बंद करने के लिए कहते हुए सरकार से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा था। इसके साथ ही उसने लिट्टे के आतंकवादी कार्यो और नागरिकों को ढाल के रूप में उपयोग करने की भी निंदा की।
रविवार से जारी गोलाबारी में अब तक 430 नागरिकों की मौत हो चुकी है। सेना और लिट्टे दोनों ही पक्ष इसके लिए एक-दूसरे को दोषी ठहरा रहे हैं।
उत्तर और दक्षिण से सेना के युद्ध क्षेत्र में आगे बढ़ने के कारण ताजा लड़ाई शुरू हुई है। सेना ने कहा कि लिट्टे को छह वर्ग किलोमीटर के तटीय इलाके में धकेल दिया गया है, जिसे सरकार ने पहले ही सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया है।
बुधवार को सेना सुरक्षित क्षेत्र में प्रवेश कर गई। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई 20,000 लोगों को निकालने के लिए है लेकिन संयुक्त राष्ट्र संस्था का अनुमान है कि करीब 50,000 लोग लिट्टे के कब्जे वाले इलाके में बंधक हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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