अमेरिकी राजनयिक की मुलाकात को लेकर राजनीतिक विवाद
नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रमुख का कामकाज देख रहे ए. पीटर बर्लेघ पर सरकार बनाने से पहले राजनीतिक दलों के निर्णय पर असर डालने का आरोप लगाते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इसे पूरी तरह से आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया है।
माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, "एक स्वतंत्र देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से उसके औपनिवेशिक चरित्र का पता चलता है।"
दरअसल, बुधवार को बर्लेघ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता लालकृष्ण आडवाणी और मंगलवार को तेलुगू देशम के अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू व प्रजा राज्यम पार्टी के अध्यक्ष चिरंजीवी से हैदराबाद में मुलाकात की थी।
अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि इन मुलाकातों का कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
अमेरिकी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा, "बर्लेघ ने नायडू से नियमित सलाह के लिए मुलाकात की। अमेरिका भारतीय लोकतांत्रिक राजनीतिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप की कोशिश को पूरी तरह खारिज करता है।"
इधर, भाजपा के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आडवाणी के साथ राजनयिक की मुलाकात 'नियमित' कार्यक्रम का हिस्सा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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