स्वाइन फ्लू: मेक्सिको में 60 मरे, दुनियाभर में 6,000 मरीज (लीड-1)
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक मेक्सिको के स्वास्थ्य मंत्री जोसे एंजेल कोर्दोवा विलालोबोस ने बताया कि देश में फ्लू के वायरस ए(एच1एन1) की चपेट में आने वालों की संख्या 2,386 हो गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में ज्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में हैं।
कैनबरा स्थित 'आस्ट्रेलियन नेशनल युनिवर्सिटी' के शोधकर्ता एड्रियान गिब्स ने गुरुवार को एक वेबसाइट से कहा कि अंडे की मदद से नए वायरस बनाने और नए टीकों का परीक्षण करने के दौरान घटी दुर्घटना से संभवत: यह नया वायरस पैदा हो गया होगा।
गिब्स ने कहा, "मैंने सुअरों के लिए बने इंफ्लुएंजा टीके का विज्ञापन देखा। इस टीके में तीन अलग-अलग वायरस निहित थे।" उल्लेखनीय है कि गिब्स उस शोध का हिस्सा थे जिसकी मदद से टैमीफ्लू नामक दवा तैयार की गई जो स्वाइन फ्लू के इलाज में काम आ रही है। उन्होंने चुनौती दी कि वह किसी भी आलोचना के लिए तैयार हैं।
इधर, स्वाइन फ्लू से भारत भले ही अब तक महफूज हो लेकिन सुअर के मांस को पसंद करने वालों के जेहन में कई सवाल जरूर कौंध रहे हैं, जिनका जवाब आजकल इसके विक्रेताओं को देना पड़ रहा है।
पेशे से उद्यमी अविका घोष का कहना है, "मैंने स्वाइन फ्लू के बारे में पढ़ा है और रोज इससे जुड़ी खबरों को देखती और पढ़ती हूं। ऐसे में मुझे पता है भारत में हम सुरक्षित हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने परिवार वालों से कहा है कि वे फ्लू के खत्म होने तक इससे परहेज करें।"
दिल्ली के खान मार्केट में सुपर एंपायर स्टोर के प्रबंधक विजय राजोरा ने आईएएनएस से कहा, "आजकल ज्यादातर ग्राहक हमसे यही पूछते हैं कि सुअर का मांस खाने के लिए सुरक्षित है कि नहीं। ग्राहक हमसे फोन पर भी सवाल पूछते हैं।"
गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से भी कहा गया है कि सुअरों से मानव में फ्लू के वायरस ए(एच1एन1) का संक्रमण आम नहीं है और अच्छी तरह पका हुआ सुअर का मांस स्वास्थ के लिए हानिकारक नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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