अमेरिकी सेना ने पाक को संवेदनशील तस्वीरें दीं
अमेरिकी दैनिक 'न्यूयार्क टाइम्स' में कहा गया कि यह स्पष्ट नहीं है कि सहयोग आगे जारी रहेगा या नहीं। अखबार के अनुसार जहां पाकिस्तान ने गर्मियों के पहले अमेरिका से इस इलाके में टोही उड़ानों का अनुरोध किया था वहीं कुछ समय बाद ही बिना किसी स्पष्टीकरण के इन्हें तत्काल बंद करने का भी अनुरोध पाकिस्तान सरकार ने किया।
इससे पहले मंगलवार को अखबार 'लास एंजेलिस टाइम्स' ने कहा था कि पाकिस्तान सीमा के भीतर ड्रॉन हमलों के लिए अमेरिकी सेना के साथ पाकिस्तानी सेना को भी संयुक्त निंयत्रण दिया गया है।
न्यूयार्क टाइम्स ने इससे विपरीत खबर देते हुए कहा कि ओबामा प्रशासन के अधिकारी पाकिस्तानी सेना के साथ ड्रॉन हमलों की तकनीक की साझेदारी के पूरी तरह खिलाफ हैं। परंतु दोनों देशों के अधिकारियों ने कहा कि समझौता संभव है।
टाइम्स के अनुसार पाकिस्तान को अधिक मात्रा में तस्वीरें और वीडियो फुटेज देने के प्रस्ताव से दोनों देशों के बीच पाकिस्तानी हवाई सीमा में चालक रहित विमानों के संचालन पर उठे विवाद को सुलझाने में मदद मिल सकती है।
पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और अन्य अमेरिकी अधिकारियों के साथ वाशिंगटन में बैठक के दौरान पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कबायली इलाके में अल कायदा और तालिबान के ठिकानों पर हमले के लिए पाकिस्तानी सेना को ड्रॉन विमान दिए जाने पर जोर दिया था।
परंतु पाकिस्तान के आंतरिक इलाकों में चालक रहित विमानों का संचालन करने वाले अमेरिकी खुफिया सेवा के अधिकारियों ने पाकिस्तानी खुफिया सेवा के साथ संयुक्त कार्रवाई के संचालन का विरोध करते हुए कहा कि पहले किया गया ऐसा ही प्रयास विफल हो चुका है।
कई वर्ष पहले अमेरिकी अधिकारियों ने पाकिस्तान को चालक रहित विमानों के हमले की योजना की जानकारी दी थी लेकिन वह आतंकवादियों तक पहुंच गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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