पाक पर अमेरिकी मदद का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करने का आरोप
वाशिंगटन, 13 मई (आईएएनएस)। कुछ अमेरिकी सीनेटरों ने पाकिस्तान को असैन्य आर्थिक सहायता में तिगुनी वृद्धि के बराक ओबामा प्रशासन के निर्णय का इस आधार पर विरोध किया है कि पाकिस्तान ऐसी मदद का इस्तेमाल भारत के खिलाफ अपनी सैन्य तैयारी में करता रहा है।
डेमोकेट्र सांसद राबर्ट मेनेनडेज ने कहा, "सरकार हमसे यह उम्मीद नहीं कर सकती कि हम यह बिना जाने पाकिस्तान को भारी असैन्य सहायता देने का समर्थन कर दें कि आखिर वह इस रकम का इस्तेमाल किस रूप में करेगा। यह जानना हमारा अधिकार है कि अमेरिकी मदद का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए हो रहा है।"
उन्होंने अमेरिका की पाक नीति को लेकर सीनेट की विदेश मामलों की समिति के समक्ष अपनी राय प्रकट करते हुए यह कहा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं कम से कम अमेरिका की पाक नीति का अंधानुकरण नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अतीत में पाकिस्तान को 12 अरब डालर की सहायता मिल चुकी है, पर इसका अधिकांश हिस्सा भारत के खिलाफ सैन्य तैयारी पर किया गया। पाकिस्तान ने आतंकवाद से निपटने की बजाए अपनी पूर्वी सीमा पर भारत के खिलाफ सैन्य जमावड़े और सैन्य तैयारी पर यह रकम खर्च की।
रिपब्लिकन सांसद बॉब कॉर्कर ने भी पाकिस्तान को मदद में कटौती की वकालत की। उन्होंने कहा, "पाक को अमेरिकी की ओर से इतनी मदद के बावजूद वहां स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहां निराशाजनक स्थिति है।"
वैसे, समिति के डेमोक्रेट चेयरमैन जॉन केरी, जो पाक को अमेरिका की ओर से मिलने वाली सहायता में भारी इजाफे के पैरोकार रहे हैं, ने मौजूदा हालात में पाकिस्तान को ज्यादा मदद दिए जाने को सही ठहराया।
उन्होंने कहा, "एटमी संसाधन से लैस पाकिस्तान को तालिबान ने गढ़ बना लिया है। पाकिस्तान हमारी कूटनीति के लिए सर्वाधिक जटिल और बड़ी चुनौती बन गया है। इस स्थिति में पाक को खतरों से निपटने के लिए ज्यादा संसाधन चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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