अफगानिस्तान और पाकिस्तान में भारत की गहन दिलचस्पी है: अमेरिका
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 13 मई (आईएएनएस)। अमेरिका यह मानता है कि भारत एक 'महान क्षेत्रीय ताकत' है और अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में उसकी गहन दिलचस्पी है। अमेरिका पाकिस्तान को भारत की सीमा से अपने सैनिक हटाकर आतंकवाद विरोधी मुहिम में लगाने को प्रेरित कर रहा है।
एक शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने सीनेट की विदेश मामलों की समिति के समक्ष अपनी पेशी के दौरान कहा, "पाकिस्तान का पश्चिमी हिस्सा आतंकवाद की धुरी बन गया है और पाक सेना को इस हिस्से पर खास ध्यान देना होगा। यहां आतंकवादियों का खास जमावड़ा है। वे ऐसे लोग हैं जिन्होंने बेनजीर भुट्टो की हत्या की, मुंबई कांड को अंजाम दिया, लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हमला किया, अमेरिका को निशाना बनाया।"
अफगानिस्तान और पाकिस्तान मामलों के विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि रिचर्ड होलब्रुक ने समिति को इससे अवगत कराया कि पाकिस्तान का उपरोक्त क्षेत्र आतंकवाद का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कहा, "आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए देश के पश्चिमी हिस्से को पूरी तरह अनुशासित बनाना होगा।"
उन्होंने कहा कि दोनों मुल्कों में आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए हमारी ओर से उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी भारत को भी दी जाती रही है। उन्होंने कहा, "यूं तो चीन और रूस की सीमाएं भी पाकिस्तान से लगती हैं और इन मुल्कों की भी पाकिस्तान में दिलचस्पी है, पर इनसे ज्यादा दिलचस्पी भारत की है, क्योंकि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के घटनाक्रम भारत को ज्यादा प्रभावित करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत महान क्षेत्रीय ताकत है और हम मानते हैं कि पाक-अफगानिस्तान क्षेत्र में भारत की ज्यादा दिलचस्पी है। हम भारत की इस भावना का आदर करते हैं। इस देश के प्रति हमारे मन में सम्मान का भाव है।"
उन्होंने बताया कि वह अमेरिका में नवनियुक्त भारतीय राजदूत मीरा शंकर से मुलाकात कर चुके हैं और अमेरिका भारत को पाक-अफगान कूटनीतिक मोर्चे पर अपनी ओर से उठाए जाने वाले कदमों से अवगत कराता रहेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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