खत्म हुआ महापर्व, कांग्रेस और भाजपा ने किया सरकार बनाने का दावा (राउंडअप)
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से चर्चा में विश्वास जताया कि भाजपा सबसे बड़ी राजनीति पार्टी और राजग सबसे बड़े गठबंधन के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र में राजग की ही अगली सरकार बनेगी।
राजनाथ ने कहा कि राजग बहुमत के करीब रहेगा और सरकार बनाने के लिए उसे कुछ सीटों की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि 16 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद कुछ और राजनीतिक दल राजग से जुड़ेंगे।
उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनावी नतीजे आने के बाद राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल सबसे बड़े राजनीतिक दल को सरकार बनाने का निमंत्रण देंगी और अब तक चली आ रही परम्परा का निर्वहन करेंगी।
उधर, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि मौजूदा लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगी और कांग्रेस के नेतृत्व में ही केंद्र में फिर से संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार बनेगी।
दिग्विजय ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "संप्रग पहले से ही विद्यमान है। हम अपने सहयोगियों के साथ हैं। कांग्रेस के पक्ष में अंदर ही अंदर लहर है। हम निश्चित तौर पर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेंगे।"
उन्होंने कहा कि 16 मई को मतगणना से पहले गठबंधन के बारे में किसी से कोई बातचीत की संभावना ही नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा और शिवसेना को साम्प्रदायिक पार्टी मानती है।
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष एम. करूणानिधि ने चेन्नई में मतदान के बाद पत्रकारों से चर्चा में कहा कि केंद्र में एक बार फिर कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनेगी। करूणानिधि व्हीलचेयर पर बैठकर मतदान करने पहुंचे।
इसी बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि चुनाव परिणाम आ जाने के बाद 18 मई को गैरकांग्रेसी और गैरभाजपाई दलों की एक बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया जाएगा।
करात ने संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि इस बैठक में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती भी शिरकत करेंगी।
उधर, उन्होंने कहा, "ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके), तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), बीजू जनता दल (बीजद), जनता दल (सेक्युलर) और अन्य वाम दलों से चर्चा के बाद हमने 18 मई को दिल्ली में बैठक करना तय किया है। इस बैठक में बसपा सहित गैरभाजपा और गैरकांग्रेस दल भाग लेंगे। बैठक में सरकार बनाने को लेकर भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी।"
उन्होंने कहा कि इस बैठक में केंद्र में वैकल्पिक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने की सभी संभावनाओं पर मंथन किया जाएगा।
ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की महासचिव जे. जयललिता का कहना है कि उन्हें कई दलों से प्रस्ताव मिले हैं लेकिन 16 मई को नतीजे आ जाने के बाद ही वह अगला कदम उठाएंगी।
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता ने बुधवार सुबह मतदान करने के बाद कहा, "कई लोगों ने संपर्क किया है। मैं उन्हें अभी जवाब नहीं दे रही हूं। सब कुछ नतीजों पर निर्भर है। उम्मीदों के मुताबिक परिणाम आने के बाद ही मैं दिल्ली जाउंगी।"
उन्होंने कहा, "कई पार्टियों की ओर से प्रस्ताव मिले हैं लेकिन मैं उनका कुछ उत्तर नहीं दे रही हैं।"
जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष एच. डी. देवेगौड़ा ने बेंगलुरू में कहा कि उनके बेटे एच. डी. कुमारस्वामी की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पिछले दिनों हुई मुलाकात के बहुत मायने नहीं निकाले जाने चाहिए।
देवेगौड़ा ने यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा, "कुमारस्वामी ने बतौर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।"
उन्होंने कहा कि जद (एस) पूरी तरह से तीसरे मोर्चे के साथ है और सरकार बनाने मे उसकी अहम भूमिका रहेगी। बगैर तीसरे मोर्चे के केंद्र में किसी की सरकार नहीं बनने वाली है।
उल्लेखनीय है कि कुमारस्वामी ने मंगलवार शाम सोनिया गांधी से 10 जनपथ स्थित उनके निवास पर मुलाकात की थी। सोनिया से मुलाकात के बाद वह जब बाहर आ रहे थे तो मीडिया से बचने के लिए उन्होंने अपना चेहरा ढंक लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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