तालिबान के खिलाफ दूसरा मोर्चा खोलेगा पाकिस्तान
समाचार पत्र 'द डेली टेलीग्राफ' ने पाकिस्तानी सेना के एक नजदीकी सूत्र के हवाले से कहा, "सेना की योजना संभवत: जून के आरंभ तक वजीरिस्तान में जाने की है। इस इलाके में सरकार का नियंत्रण स्थापित करने के लिए भारी संख्या में सैनिकों की तैनाती होगी।"
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी सेना इस समय पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) की स्वात घाटी और उसके समीप के दो जिलों में तालिबान के खिलाफ कार्रवाई में व्यस्त है।
अखबार के अनुसार सबसे अधिक संभावना है कि अभियान का पहला निशाना पाकिस्तानी तालिबान के प्रमुख बैतुल्ला महसूद को बनाया जाए, जिसकी अफगानिस्तान सीमा से लगे दक्षिणी वजीरिस्तान जिले में मजबूत पकड़ है।
महसूद ने मार्च में लाहौर के बाहरी इलाके में स्थित पुलिस प्रशिक्षण शिविर पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ और सीआईए ने उसे पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया था परंतु महसूद ने इस आरोप से इंकार किया था।
अखबार ने यह भी कहा कि एक पश्चिमी राजनयिक ने इसकी पुष्टि की है कि पाकिस्तानी सरकार पूरे सीमांत प्रांत में आपातकाल लागू करने और तालिबान के खिलाफ संपूर्ण अभियान आरंभ करने पर विचार कर रही है।
परंतु अखबार का कहना है कि पाकिस्तानी सेना की गंभीरता का अनुमान जलालुद्दीन हक्कानी जैसे ताकतवर तालिबानी कमांडरों के खिलाफ कार्रवाई से ही पता चलेगा।
पाकिस्तानी सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी हक्कानी को एक रणनीतिक संपत्ति मानते हैं, जिसके माध्यम से पाकिस्तान अपना प्रभाव अफगानिस्तान में फिर से स्थापित कर सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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