80 प्रतिशत प्रत्याशियों के लिए बाल कल्याण मुद्दा नहीं : एनजीओ
नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। बाल अधिकार संगठन बचपन बचाओ आंदोलन द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में बुधवार को कहा गया है कि इस बार लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतरे 80 प्रतिशत प्रत्याशियों की प्राथमिकता सूची में बाल कल्याण या शिक्षा का अधिकार जैसे मुद्दे शामिल नहीं हैं।
बचपन बचाओ आंदोलन ने यह सर्वेक्षण 476 उम्मीदवारों के भाषणों के परीक्षण के बाद पेश किया है।
बचपन बचाओ आंदोलन के अध्यक्ष कैलाश सत्यार्थी ने आईएएनएस को बताया, "देश भर में 175 संसदीय क्षेत्रों के 476 उम्मीदवारों को हमने अपने सर्वेक्षण में शामिल किया। इनमें से मात्र 49 उम्मीदवारों ने ही कहा कि बाल श्रम का उन्मूलन उनकी प्राथमिकता में होगा। लेकिन 80 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवारों के एजेंडे में बाल अधिकार का मुद्दा है ही नहीं।"
सत्यार्थी ने कहा, "सबसे बुरी बात यह कि मात्र 35 उम्मीदवारों ने अपने संसदीय क्षेत्रों में शिक्षा के अधिकार का पुरजोर समर्थन किया है। यह स्थिति ऐसे समय में है, जब शिक्षा का अधिकार विधेयक संसद में पारित किया जाना अभी बाकी है।"
अध्ययन में कहा गया है कि यह सर्वेक्षण 18 राज्यों और केंद्र शासित राज्यों में किया गया। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के उम्मीदवारों ने बच्चों से जुड़े मुद्दों पर न के बराबर रुचि दिखाई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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