वरुण मामले में सुप्रीम कोर्ट गईं माया

उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार ने वरुण गांधी पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून समाप्त करने के सलाहकार बोर्ड के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की है.उत्तर प्रदेश सरकार की इस अर्जी पर 14 मई को वरुण गांधी की याचिका के साथ ही विचार किया जाएगा.
वरुण गांधी ने रासुका लगाने की पीलीभीत प्रशासन के फ़ैसले की वैधानिकता को चुनौती दे रखी है. इस याचिका के बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने वरुण गांधी को पेरोल पर रिहा करने का आदेश दिया था. उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सलाहकार बोर्ड ने बुधवार को वरुण गांधी के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून समाप्त करने का फ़ैसला सुनाया था.
इस बोर्ड के सदस्यों में उच्च न्यायालय के एक जज और दो सेवानिवृत जज होते हैं.ये बोर्ड इस बारे में सलाह देता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून लगाने का फ़ैसला कितना सही है. बोर्ड ने इस मामले में कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून बहुत कठोर क़ानून है और वरुण के मामले में इसे लागू करने का पर्याप्त आधार नहीं है.
दूसरी ओर सरकार की दलील थी कि वरुण के भाषण से पीलीभीत में क़ानून और शांति कायम करने में मुश्किल हो सकती है लेकिन वरुण का कहना था कि ये मामला राजनीति से प्रेरित है. पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार वरुण गाँधी के ख़िलाफ़ मुसलमानों के ख़िलाफ़ कथित भड़काऊ भाषण देने का आरोप है.


Click it and Unblock the Notifications