'भारत सरकार ने दिये फर्जी दस्तावेज'

एक टीवी चैनल से बातचीत में स्विस सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि ब्लैक मनी मामले में भारत सरकार द्वारा मुहैया कराये गए दस्तावेज फर्जी थे। विदेशी बैंकों में जमा काले धन के मसले पर भारत सरकार अब पीछे हट रही है।
वर्ष 2007 में पुणे के कारोबारी हसन अली पर स्विस बैंक के अकाउंट में बड़े पैमाने पर धन जमा करने का मामला प्रवर्तन निदेशालय की नजर में आया था। स्विस सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने भारत से कुछ जानकारियां मांगी थीं, जिनका जवाब 24 महीने बीत जाने के बाद भी नहीं आया है। भारत सरकार काले धन का पता लगाने के सवालों पर सिर्फ कुद अनुरोध भेज कर पल्ला झाड़ लेती है।


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