प्रधानमंत्री ने नीतीश से की बात, सिर्फ बाढ़ राहत पर हुई चर्चा (लीड-1)

नीतीश कुमार ने पटना में संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने मुझसे बात की और कहा कि वह बाढ़ राहत के मामले को नए सिरे से देखेंगे।"

नीतीश कुमार ने आगे कहा, "यह बिहार के अधिकारों का मामला है। यह मेरे लिए कोई निजी पूर्वाग्रह का मामला नहीं है।"

नीतीश कुमार ने संकेत किया कि बातचीत के दौरान केवल कोसी बाढ़ राहत के मसले पर ही चर्चा हुई।

इधर, प्रधानमंत्री की मीडिया सलाहकार दीपक संधू ने नई दिल्ली में कहा, "हां, प्रधानमंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री को फोन किया और कोसी क्षेत्र में राहत के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की।"

उल्लेखनीय है कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री सहित कांग्रेस के नेताओं ने बिहार सरकार पर कोसी बाढ़ राहत के लिए केंद्र की ओर से दिए गए कोष का पूरा उपयोग न करने का आरोप लगाया था।

इसके जवाब में नीतीश ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर अपने वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा था कि राहत कार्य के लिए प्राप्त 1,000 करोड़ रुपये को काफी अच्छे ढंग से खर्च किया गया है।

नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा था, "प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर देश को गुमराह कर रहे हैं। बिहार के मुख्य सचिव आर.जे.एम.पिल्लई को राष्ट्रीय आपदा विभाग के निदेशक देव कुमार की ओर से 30 अप्रैल को उस समय एक पत्र प्राप्त हुआ था, जब कोसी क्षेत्र में मात्र 20 मिनट पहले ही मतदान संपन्न हुआ था।"

इसे संवैधानिक नियमों का उल्लंघन करार देते हुए नीतीश कुमार ने कहा, "इस बारे में कोई संदेह नहीं किया जा सकता। निश्चितरूप से नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। केंद्र सरकार हमसे बाढ़ राहत कोष के लिए दिए गए पैसे को वापस मांग रही है। यह हमारे जख्मों पर नमक रगड़ने जैसा है। पैसा कहां से वापस किया जाएगा? पूरा पैसा पीड़ित परिवारों में खर्च किया जा चुका है।"

दूसरी ओर दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मंगलवार को दोबारा कहा कि नीतीश कुमार द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि खर्च न किए गए कोष से संबंधित पत्र वित्त वर्ष के अंत की एक आदर्श प्रक्रिया है।

यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने नीतीश कुमार की प्रशंसा की थी। इससे नीतीश को कांग्रेस के पक्ष में करने के बारे में अटकलें लगाई जाने लगी थीं।

लेकिन, लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान के अंतिम दिन सोमवार को प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार के धर्मनिरपेक्ष होने पर ही संदेह जता दिया था। इससे एक दिन पहले नीतीश कुमार गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लुधियाना में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की रैली में एक मंच पर उपस्थित हुए थे।

इसके जवाब में नीतीश ने कहा, " प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को खुद को धर्मनिरपेक्षता के विश्वविद्यालय का कुलपति नहीं समझना चाहिए। वह धर्मनिरपेक्षता का प्रमाण-पत्र बांट रहे हैं। मुझे उनके प्रमाण-पत्र की कोई जरूरत नहीं है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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