पूर्व नौकरशाह रुनू घोष भ्रष्टाचार के लिए दोषी करार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश वी.के.माहेश्वरी ने घोष को आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति रखने का दोषी ठहराया। सजा बुधवार को सुनाई जाएगी।
दूरसंचार मंत्रालय में उप महानिदेशक (लाइसेंस और वित्त) घोष पर 22.7 लाख रुपये की संपत्ति जमा करने के कारण भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मुकदमा चलाया गया।
सीबीआई ने आरोप लगाया कि एक नवंबर 1992 से 16 अगस्त 1996 के बीच अपने सरकारी ओहदे का दुरुपयोग करके घोष ने गहने, महंगे घरेलू सामान, एक फ्लैट, एक फ्लैट सह दुकान और शेयरों की खरीद की।
सीबीआई ने जिस दिन दूरसंचार मंत्री सुखराम के आवास से दो करोड़ 45 लाख रुपये बरामद किए उसी दिन घोष के आवास से 22.71 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की।
एक अन्य मामले में सुखराम के साथ घोष और हैदराबाद स्थित एडवांस रेडियो मास्ट्स कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रामाराव को दिल्ली की एक अदालत ने कंपनी को ठेका देकर सरकारी खजाने को 1.68 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के लिए जुलाई 2002 में दोषी ठहराया था।
दो वर्ष की कैद की सजा के खिलाफ घोष की अपील दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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