इंसाफ की बाट जोह रहे हैं आरुषि के माता-पिता
मयंक अग्रवाल
नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले आरुषि हत्याकांड को हुए एक साल होने को है लेकिन उसके माता-पिता आज भी इंसाफ की बाट जोह रहे हैं और कई बार तो वे इस कदर मायूस हो जाते हैं कि उन्हें लगता है कि हत्यारा उनकी बेटी के साथ-साथ उन्हें भी मार देता तो अच्छा रहता।
इस अनसुलझी गुत्थी ने दंतचिकित्सक राजेश तलवार और उनकी पत्नी नूपुर तलवार का जीवन बदलकर रख दिया है। राजेश को तो इस सिलसिले में 50 दिन जेल में भी बिताने पड़े। उनका कहना है कि वे सिर्फ इंसाफ की आस में ही जी रहे हैं।
आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में नूपुर ने कहा, "वह हमें ताकत देती है। मैं उसे सपनों में देखती हूं और वह मुझसे कहती है, "मॉम आपको हिम्मत से काम लेना होगा। हिम्मत से काम लो, आपको हिम्मत दिखानी ही होगी।" वह मुझे बल देती है। वह भी यही चाहती कि हम इंसाफ की खातिर लड़ें। सिर्फ इसीलिए हम जीवित हैं।"
हौज खास के अपने क्लिनिक में बातचीत के दौरान नूपुर ने कहा, "हम अक्सर सोचते हैं कि हत्यारे का बड़ा अहसान होता अगर वह आरुषि के साथ-साथ हमारी भी जान ले लेता। कम से कम इस तरह हम उसके साथ तो होते।"
कुछ ही महीने पहले नूपुर ने कहा था कि उसके पति जीना नहीं चाहते। उन्होंने कहा, "लेकिन अब वे इससे उबर रहे हैं और कहते हैं हम क्यों मरे। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि उसे इंसाफ मिले।"
आरुषि की हत्या के बाद से राजेश और नूपुर एक भी रात चैन की नींद नहीं सो पाए हैं। नूपुर बताती हैं कि बेटी की हत्या के बाद कई महीने तक तो उन्होंने कोई काम ही नहीं किया। वह सिर्फ अध्ययन करती रहीं।
तलवार दंपत्ति नोएडा से अब दक्षिण दिल्ली रहने चला आया है। उनका कहना है कि उस घर से उनकी बहुत दुखद यादें जुड़ी हैं। वहां रहना उनके लिए नामुमकिन था।
राजेश ने लोगों से ज्यादा घुलना मिलना छोड़ दिया है वे केवल करीबी मित्रों और रिश्तेदारों से ही मिलते हैं। राजेश बताते हैं, "हम आरुषि के मित्रों के संपर्क मे हैं। उनसे बातें करते समय कई बार मैं रो पड़ता हूं। वे राष्ट्रपति से जाकर मिलना चाहते थे लकिन अब तक कुछ तय नहीं किया है।"
राजेश ने बताया, "पिछला एक साल बहुत कठिनाई भरा रहा। हम हर रोज चौबीसों घंटे मरते रहे। चाहे मैं कोई भी काम करूं, मेरे जेहन में हमेशा वही सब चलता रहता है।"
उन्होंने कहा,"मई हमारे लिए खुशियों की सौगात लाता था। मेरा और आरुषि दोनों का जन्मदिन मई में ही है। हम बहुत पार्टी करते थे लेकिन अब कुछ भी पहले सा नहीं रहा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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