जम्मू एवं कश्मीर में सबकी निगाहे सज्जाद लोन पर
बारामूला की उत्तरी कश्मीर लोकसभा सीट पर वैसे तो 13 उम्मीदवार मैदान में हैं लेकिन मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के उम्मीदवार शरीफुद्दीन शरीक, मुख्य विपक्षी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के मुहम्मद दिलावर मीर और पीपुल्स कांफ्रेंस के लोन के बीच है।
पीपुल्स कांफ्रेंस के संस्थापक अब्दुल गनी लोन (लोन की 2003 में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी थी) के बेटे सज्जाद पहले अलगाववादी हैं जो घाटी में सन 1989 में भड़के अलगाववादी आंदोलन के बाद चुनाव लड़ रहे हैं।
लोन अपने कदम को रणनीतिक परिवर्तन बताते हैं न कि विचाराधारा का परिवर्तन।
कुपवाड़ा और बारामूला में लोन ने मतदाताओं से कहा, "मैं कश्मीर के लोगों की भावनाओं को भारतीय संसद तक ले जाऊंगा।" लोगों ने भी लोन की बात गौर से सुनी।
उल्लेखनीय है कि लोन अब से पहले तक संसदीय चुनावों को फिजूल की कवायद बताया करते थे लेकिन उनके इस निर्णय के बाद इस क्षेत्र में संघर्ष त्रिकोणीय हो गया है।
एनसी के शरीफुद्दीन शरीक ने दिसम्बर 2008 के विधानसभा चुनाव में लांगेट से भाग्य आजमाया था लेकिन उन्हें एक निर्दलीय प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था।
पीडीपी के दिलावर मीर को भी उन चुनावों में राफियाबाद में एनसी के जहूर अहमद के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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