तमिलनाडु में राज्य सरकार पर भी पड़ेगी लोकसभा चुनाव की छाया
बुधवार को होने जा रहे पांचवे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान राज्य के 40 लाख से ज्यादा मतदाता 824 उम्मीदवारों का भाग्य निर्धारित करेंगे।
इस चुनाव में डीएमके, आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले तीन गठबंधन मैदान में हैं।
एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) और एमडीएमके शामिल हैं।
भाजपा के गठबंधन में जनता पार्टी, एआईएसएमके और एनएमके, जनता दल (युनाइटेड), डीवीके और भारतीय फारवर्ड ब्लॉक शामिल हैं।
अभिनेता से नेता बने विजयकांत की पार्टी डीएमडीके सभी क्षेत्रों में अपने बल पर चुनाव लड़ रही है।
डीएमके 21 सीटों पर जबकि कांग्रेस 15 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि वीसीके दो और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग एक सीट पर चुनाव लड़ रही है।
एआईएडीएमके 23 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि पीएमके छह, एमडीएमके चार और भाकपा व माकपा क्रमश: तीन-तीन सीटों पर मैदान में हैं।
वर्ष 2004 के लोकसभा चुनावों में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन (कांग्रेस, वाम दल, पीएमके और एमडीएमके) ने सभी 40 सीटों पर जीत हासिल की थी। उसके बाद 2006 के विधानसभा चुनावों में भी डीएमके के गठबंधन को जीत मिली थी।
वर्ष 2009 के चुनाव में डीमके के गठबंधन को पहले जैसी सफलता मिलने में संदेह है क्योंकि कांग्रेस को छोड़कर उसके सभी साझेदार जयललिता के खेमे में जा चुके हैं।
किसी भी दल को बहुमत न मिलने की संभावना को देखते हुए प्रमुख राजनीतिक दलों ने क्षेत्रीय पार्टियों को गोलबंद करने की कोशिशें आरंभ कर दी हैं ताकि सरकार बनाने का उनका दावा मजबूत रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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