श्रीलंका में घायलों की मदद में जुटे नागरिक
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक तमिल विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके में तैनात चिकित्सक वीराच्चामी शानमुअगराजा ने सोमवार को टेलीफोन पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुल्लईवैकल जूनियर स्कूल में बने अस्थायी अस्पताल में कई और घायलों को उपचार के लिए लाया गया है।
उनका कहना है कि मृतकों और घायलों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं और वह दवाओं की कमी की वजह से घायलों का उचित उपचार करने में सक्षम नहीं हैं।
इससे पहले रविवार को लिट्टे ने एक बयान जारी कर दावा किया था कि सेना की ओर से की जा रही गोलाबारी में 2,000 से अधिक नागरिक मारे गए हैं।
उधर, श्रीलंकाई रक्षा मंत्रालय ने कहा, "आतंकवादी मीडिया का ध्यान सरकार के खिलाफ खींचने कि लिए जान-बूझकर हमले कर रहे हैं जिससे बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत हुई है और कई घायल भी हुए हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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