बिखर जाएगा राजग, संप्रग की बनेगी सरकार : प्रधानमंत्री (राउंडअप)

लुधियाना/अमृतसर, 11 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चुनाव परिणाम के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के बिखर जाने की 'भविष्यवाणी' करते हुए सोमवार को कहा कि सरकार बनाने के लिए गठबंधन की संभावनाओं का पता मतगणना के बाद चलेगा और यह पार्टियों द्वारा हासिल सीटों पर निर्भर करेगा।

लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के प्रचार अभियान के अंतिम दिन प्रधानमंत्री ने लुधियान में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "यह कहना गलत होगा कि राजग में विभाजन नहीं है। बीजद और तेदेपा (उड़ीसा का बीजू जनता दल और आंध्र प्रदेश की तेलुगू देशम पार्टी) अब उसके साथ नहीं हैं। बिखराव वहां है और चुनावों के बाद और अधिक होगा।"

उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस खराब से खराब स्थिति में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी।

इससे पहले अमृतसर में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के साथ अमृतसर में एक चुनावी रैली में कहा कि पंजाब में सत्तारुढ़ अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया।

प्रधानमंत्री ने तीसरे मोर्चा को अस्थिर करार देते हुए कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के दोबारा सत्ता में आने के बारे में उन्हें कोई संदेह नहीं है। अपने प्रधानमंत्री बनने के बारे में उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है और इसमें किसी तरह का कोई परिवर्तन नहीं होगा।

किसी दल को बहुमत न मिलने के संबंध में सिंह ने कहा कि केंद्र में राष्ट्रपति शासन का कोई प्रावधान नहीं है और वहां सरकार बनेगी ही। हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि क्या स्थिति बनती है।

उन्होंने कहा कि कहा कि सन 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा सदैव जीवित नहीं रखा जा सकता। कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के दंगों के शिकार लोगों को मिलने वाली मुआवजे की राशि बढ़ाई है।

सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी दुकान चलाने के लिए इस मुद्दे को जीवित रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह बात न तो देश के हित में है और न ही सिख समुदाय के।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार धर्मनिरपेक्ष होने का दावा करते हैं लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक मंच पर आने से इस बारे में संदेह उत्पन्न हो गया है।

ज्ञात हो कि लुधियाना में ही रविवार को एक रैली में राजग ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया था जिसमें जनता दल (युनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी एक ही मंच पर मौजूद थे।

नई सरकार बनाने के लिए गठबंधन की संभावनाओं के बारे प्रधानमंत्री ने कहा, "सभी संभावनाओं का पता 16 मई के बाद चलेगा। मैं इस पर अटकलबाजी नहीं करना चाहता। सब कुछ संख्या बल पर निर्भर करेगा।"

सत्ता में वापसी को लेकर विश्वास प्रकट करते हुए उन्होंने कहा, "संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का गठन करेगा। इस बारे में मुझे कोई संदेह नहीं है।" चुनाव बाद गठबंधन के बारे में उन्होंने कहा, "राजनीति संभावनाओं की कला है। जो लोग नाराज हैं उन्हें मनाया जा सकता है।"

वामदलों से समर्थन की अपील करने के बारे में उन्होंने कहा, "मेरा हमेशा से मानना है कि सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को साथ आकर देश को एक धर्मनिरपेक्ष सरकार देनी चाहिए।"

उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के जिस मुद्दे पर वामदलों ने समर्थन वापस लिया था, उस पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और वह मुद्दा खत्म हो गया है।

एक सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वह संपूर्ण राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और "सिख तथा गैर सिख के रूप में" नहीं सोचते।

उन्होंने कहा, "मेरा ईमानदारी से मानना है कि धर्म को राजनीतिक मामलों में नहीं लाना चाहिए। मैंने किसी को भी अपने नाम का उपयोग करने के लिए अधिकृत नहीं किया है।"

पाकिस्तान में तालिबान के भय से पलायन कर रहे सिखों के मामले पर राज्य की सत्तारूढ़ अकाली दल-भाजपा सरकार की आलोचना के शिकार प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि वह पहले "भारतीय" हैं।

उन्होंने कहा,"मैं भारत का प्रधानमंत्री हूं। मैं भारत के सभी वर्गो के लोगों का प्रतिनिधित्व करता हूं। इसलिए मैं सिख और गैर सिख के रूप में नहीं सोचता"

उन्होंने कहा कि उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत में तालिबान की सिखों से जजिया कर की मांग का मामला सरकार ने पाकिस्तान के सामने उठाया था।

उधर, अमृतसर में भाजपा उम्मीदवार और क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ खड़े कांग्रेस प्रत्याशी ओम प्रकाश सोनी के प्रचार में आए प्रधानमंत्री और राहुल गांधी ने कहा कि संप्रग सरकार ने अपने पांच वर्षो के कार्यकाल में किसानों के हित को अपना प्रमुख लक्ष्य बनाए रखा।

प्रधानमंत्री ने भाजपा और अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा, "भाजपा और अकालियों ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। वे रोज विभिन्न चीजों का दावा करते हुए झूठे विज्ञापन दे रहे हैं। हमने देश की सेवा करने की कोशिश की है। हमने किसानों और देश के गरीबों के लिए कई काम किए हैं।"

सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में किए गए इजाफे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा प्रयास किया कि किसान देश की तरक्की से लाभान्वित होने वाले लोगों में रहें।

राहुल ने कहा कि संप्रग सरकार ने पिछले वर्ष न केवल किसानों के 700 अरब रुपये के कर्ज माफ किए बल्कि उसने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की शुरुआत भी की।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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