वंशिका मामले की सुनवाई मंगलवार को
वंशिका को लेकर तबस्सुम और आशा पिल्लई में विवाद चल रहा है। दोनों ही उसे अपनी बेटी करार दे रही है। तबस्सुम जहां उसे जन्म देने वाली मां बताती हैं वहीं आशा पिल्लई वंशिका को पालने वाली मां होने का दावा कर रही है। यह मामला उच्च न्यायालय में न्यायाधीश दीपक मिश्रा और आऱ क़े गुप्ता की खंडपीठ में चल रहा है। इस मामले की सोमवार को सुनवाई न हो पाने के कारण इसे मंगलवार तक के लिए बढ़ा दिया गया। उम्मीद जताई जा रही है कि मंगलवार को वंशिका की मां कौन है और वह किस की बेटी है इसका फैसला हो जाए।
आशा पिल्लई और तबस्सुम वे दो महिलाएं हैं जो वंशिका को अपनी बेटी बता रही हैं। इस समय वंशिका आशा पिल्लई के पास है और तबस्सुम ने उसे अपनी बेटी बताते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के न्यायालय में करीब छह माह पहले तबस्सुम को वंशिका की मां मानते हुए उसे सौंपने के आदेश दिए थे। इस फैसले के बाद पिल्लई दम्पत्ति वंशिका को लेकर फरार हो गए थे और उन्होंने जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। जहां एस़ डी़ एम़ न्यायालय के फैसले को खारिज कर दिया गया और अब तबस्सुम उच्च न्यायालय पहुंची है।
न्यायालयों में पेश की गई जानकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के जालौन में रहने वाली तबस्सुम ने अक्टूबर 2004 में वंशिका को जन्म दिया था। तब उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। तब तबस्सुम के कुछ रिश्तेदारों और एक चिकित्सक की सहमति से वंशिका को पिल्लई दंपत्ति को गोद दे दिया गया था। मगर इसके लिए कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी।
पिछले पांच वर्षो से पिल्लई दम्पत्ति वंशिका को अपनी बेटी की तरह पाल रहा है। छह माह पहले अचानक तबस्सुम जबलपुर आ पहुंची और उसने वंशिका को पाने के लिए एस़ डी़ एम़ न्यायालय में दावा ठोक दिया। वंशिका को तबस्सुम आलिया नाम से पुकारती है और दावा करती है कि वंशिका उसी की बेटी है और उसे वह पाकर रहेगी। वहीं दूसरी ओर पिल्लई दंपत्ति लालन पालन के आधार पर वंशिका को अपनी बेटी बता रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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