छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में 13 की मौत (लीड-3)
यह हमला देर रविवार धमतरी जिले के पहाड़ी रिसगांव इलाके में जिला पुलिस बल के तलाशी काफिले पर हुआ।
राज्य के पुलिस महानिदेशक गिरिधर नायक ने आईएएनएस से कहा कि भारी हथियारों से लैस नक्सलियों ने पहाड़ी से जिला पुलिस बल (डीएफ) के दल पर गोलीबारी की।
नायक ने कहा "हमले में 10 सिपाही, एक हवलदार और एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) शहीद हो गया। वहीं एक वाहन चालक की भी मौत हो गई।" उन्होंने कहा कि दो विस्फोट करने के बाद नक्सलियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरु कर दी थी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस अधिकारी इस बारे में आश्वस्त नहीं हैं कि नक्सलवादी मृत पुलिसकर्मियों के हथियार लूट लिए गए या नहीं।
राज्य के उप पुलिस महानिरीक्षक पवन देव ने आईएएनएस को बताया कि धमतरी जिले में पुलिसकर्मियों पर यह पहला नक्सली हमला है। उन्होंने कहा, "कांकेर डिवीजन फोर्स के जवान तीन-चार वाहनों में यात्रा कर रहे थे, तभी नक्सलियों ने उन पर हमला बोल दिया।।"
हमले में गंभीर रूप से घायल तीन जवानों को लाने के लिए राज्य सरकार ने सोमवार सुबह एक हेलीकॉप्टर भेजा था। घायलों को रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
क्षेत्र में दर्जनों नक्सलियों के मौजूद होने की एक सूचना के बाद इलाके में तलाशी अभियान भेजा गया था। यह जानकारी एक जाल साबित हुई।
मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इसे नक्सलियों की कायरतापूर्ण कार्रवाई की संज्ञा देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विश्वास करने वाले लोगों और मानव अधिकार संगठनों को इस क्रूर कार्य की निंदा करनी चाहिए।
राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने घायल जवानों से अस्पताल में मिलने के बाद संवाददाताओं को बताया कि भारी गोलीबारी की जद में आए सुरक्षाकर्मियों को कोई मदद नहीं भेजी गई और कई घायल जवान बिना किसी चिकित्सा सहायता के 16 घंटे तक पड़े रहे।
नक्सलियों ने छह मई को बस्तर क्षेत्र में भी हमला किया था, जिसमें सात सुरक्षाकर्मियों समेत 11 लोग मारे गए थे। इससे पूर्व पांच मई को राजनंदगांव जिले में राज्य में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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