संयुक्त राष्ट्र ने श्रीलंका में नागरिकों की मौतों को रक्तपात कहा (लीड-1)
कोलंबो/लंदन, 11 मई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने श्रीलंका के उत्तरी हिस्से में सेना और लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के बीच बीते सप्ताहांत हुई भीषण गोलाबारी कम से कम 100 बच्चों समेत 400 नागरिकों के मारे जाने को 'रक्तपात' करार दिया है।
कोलंबो में संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता गॉर्डन वेस ने कहा, "100 से ज्यादा बच्चों समेत बड़े पैमाने पर हो रही नागरिकों की मौतों से संकेत मिलता है कि वहां रक्तपात हो हुआ।" उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं।
रविवार को युद्ध क्षेत्र में तैनात चिकित्सक वीराच्चामी शानमुअगराजा ने कहा था "गोलाबारी में कम से कम 378 लोग मारे गए हैं और 1122 घायल हो गए हैं। हालात बेकाबू हो रहे हैं हमारे हाथ में कुछ भी नहीं है।" उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारों और समुद्र तट पर और भी शव छितराए पड़े हैं।
चिकित्सक का कहना है कि नागरिकों की मौतें सरकारी कब्जे वाले क्षेत्रों से हुई गोलाबारी में हुई हैं जबकि लेकिन श्रीलंका सेना का कहना है कि गोलाबारी लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) की ओर से हुई।
वेस ने बीबीसी को सोमवार को बताया कि करीब 50,000 से 100,000 लोग अभी भी न्यूयार्क के सेंट्रल पार्क जितने इलाके में फंसे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वह इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि नागरिकों की हत्या के लिए कौन जिम्मेदार है परंतु इसके लिए दोनों पक्षों को ही जिम्मेदार माना जाएगा।
बीबीसी ने खबर दी है कि नागरिकों की मौतों के दावों की पुष्टि नहीं की जा सकती क्योंकि युद्ध क्षेत्रों में नागरिकों का प्रवेश रोक दिया गया है।
इससे पहले श्रीलंकाई रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता केहेलिया रामबुकवेल्ला ने कहा था कि सरकार की क्षवि बिगाड़ने के लिए तमिल विद्रोही नागरिकों पर गोलीबारी कर रहे हैं।
सरकार की ओर से सोमवार को जारी बयान में कहा गया कि सेना के नियंत्रण वाले इलाकों की ओर भाग रहे नागरिकों पर तमिल विद्रोहियों ने गोलीबारी कर दी।
इससे पहले रविवार को लिट्टे ने एक बयान जारी कर दावा किया था कि सेना की ओर से की जा रही गोलाबारी में 2,000 से अधिक नागरिक मारे गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications