नागरिक उड्डयन क्षेत्र में मांट्रियल समझौते से जुड़ा भारत
इस समझौते के मुताबिक हवाई यात्राओं के दौरान लापरवाही के कारण यात्रियों की मौत होने पर न केवल विमानन कंपनी पर कड़ा जुर्माना लगाने का प्रावधान है बल्कि हवाई दुर्घटनाओं के लिए बीमा प्रीमियम भी काफी ज्यादा रखा गया है।
सोमवार को जारी सरकारी वक्तव्य के मुताबिक समझौते के प्रावधान 'कैरिएज बाइ एयर (अमेंडमेंट) एक्ट 2009' के तहत आगामी 30 जून से प्रभावी होंगे। इस अधिनियम के अंतर्गत हवाई यात्रा करने वाले यात्री के साथ उनके सामान आदि चीजें आएंगी।
समझौते के मुताबिक हवाई यात्रा के दौरान किसी यात्री की मौत होने पर कंपनी अगर यह साबित करने में नाकाम रहती है कि यात्री की मौत उपेक्षा अथवा ऐसे ही अन्य कारणों से नहीं हुई है तो उसे 150,000 डॉलर की क्षतिपूर्ति चुकानी पड़ सकती है।
इसके अतिरिक्त विमानन कंपनी को यह भी साबित करना होगा कि क्षति किसी तीसरे पक्ष, यात्री अथवा क्षतिपूर्ति चाहने वाले की गलती की वजह से हुई है।
वक्तव्य के मुताबिक यात्रियों को यात्रा के दौरान देर होने अथवा सामान समय से न पहुंचने का उत्तरदायित्व भी विमानन कंपनी का ही होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications