श्रीलंका में नागरिकों का रक्तपात हुआ है: संयुक्त राष्ट्र
समाचार एजेंडी डीपीए के मुताबिक बीते सप्ताहांत मुल्लईतिवु जिले में सेना और लिट्टे की लड़ाई में 400 से अधिक नागरिक मारे गए और 1,200 से ज्यादा घायल हो गए। दोनों पक्षों ने इसके लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है।
कोलंबो में संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता गॉर्डन वेस ने कहा, "हम इसको रक्तपात कह सकते हैं।" उन्होंने कहा कि वह इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि नागरिकों की हत्या के लिए कौन जिम्मेदार है परंतु इसके लिए दोनों पक्षों को ही जिम्मेदार माना जाएगा।
श्रीलंकाई रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता केहेलिया रामबुकवेल्ला ने कहा कि सरकार की क्षवि बिगाड़ने के लिए तमिल विद्रोही नागरिकों पर गोलीबारी कर रहे हैं।
सरकार की ओर से सोमवार को जारी बयान में कहा गया कि सेना के नियंत्रण वाले इलाकों की ओर भाग रहे नागरिकों पर तमिल विद्रोहियों ने गोलीबारी कर दी।
तमिल विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके में तैनात चिकित्सक वीराच्चामी शानमुअगराजा ने सोमवार को टेलीफोन पर बताया कि मुल्लईवैकल जूनियर स्कूल में बने अस्थायी अस्पताल में कई और घायलों को उपचार के लिए लाया गया है।
उनका कहना है कि मृतकों और घायलों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं और वह दवाओं की कमी की वजह से घायलों का उचित उपचार करने में सक्षम नहीं हैं।
इससे पहले रविवार को लिट्टे ने एक बयान जारी कर दावा किया था कि सेना की ओर से की जा रही गोलाबारी में 2,000 से अधिक नागरिक मारे गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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