स्वात से लोगों को निकालने के प्रयास तेज़

सरकार ने कर्फ़्यू में सात घंटे की ढील दी है. रविवार को दोपहर एक बजे तक कर्फ़्यू में ढील रहेगी.
इस इलाक़े के सबसे बड़े शहर मिंगोरा और आसपास के शहरों कंबार और रहीमाबाद से लोगों को निकालने के लिए बसें और कारें पहुँचने लगी हैं.
पाकिस्तान सेना के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि लोगों ने संघर्ष प्रभावित क्षेत्र से निकलना शुरू कर दिया है. लोगों से हथियारों के बगैर जाने को कहा गया है.
इसके अलावा सूबा सरहद की राजधानी पेशावर और एक और शहर नौशारा में शरणार्थी शिविर बनाए गए हैं.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि लोगों को सिर्फ़ स्वात घाटी छोड़ने की अनुमति दी जाएगी, किसी को वहाँ आने नहीं दिया जाएगा.
लड़ाई
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि लड़ाई में शनिवार से अब तक 15 चरमपंथी मारे गए हैं. तालेबान ने इन आंकड़ों से इनकार किया है और किसी स्वतंत्र स्रोत से इसकी पुष्टि नहीं हुई है.
पाकिस्तानी सेना और तालेबान चरमपंथियों की बीच स्वात में लड़ाई चल रही है
पिछले दिनों सरकार और तालेबान चरमपंथियों के बीच स्वात में शांति समझौता टूट गया था और इसके बाद से वहाँ लड़ाई जारी है.
सरकार का कहना है कि तालेबान चरमपंथियों ने समझौते का उल्लंघन किया है. चरमपंथियों ने न तो अपने हथियार डाले और न ही अपनी गतिविधियां रोकी.
इस बीच, मिंगोरा से हज़ारों की तादाद में लोगों का पलायन जारी है. पुरुष, महिलाएँ और बच्चे लंबी कतारों में संघर्ष प्रभावित इलाके से दूर जा रहे हैं.
इनमें से कुछ ही खुशकिस्मत लोगों को ही कार, बस या खच्चर की सवारी मिल पा रही है. अधिकतर लोग पैदल ही सुरक्षित ठिकानों की ओर बढ़ रहे हैं.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कर्फ़्यू में ढील देने की घोषणा से ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में सैन्य कार्रवाई और तेज़ हो सकती है.
संयुक्त राष्ट्र का आकलन है कि इलाक़े में चल रही लड़ाई के कारण अभी तक क़रीब दो लाख लोग बेघर हो चुके हैं जबकि अन्य तीन लाख लोग पलायन करने वाले हैं.
प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी ने इस लड़ाई को पाकिस्तान के अस्तित्व की लड़ाई कहा है.


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