फ़ेसबुक अब छह भारतीय भाषाओं में

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फ़ेसबुक हिंदी के अलावा पांच देशी भाषाओं में आ गई है. फ़ेसबुक ने इन भाषाओ में सर्च करने और नैविगेट करने की सुविधा दी है. फ़ेसबुक ने अपने सदस्यों को अपनी मातृ-भाषाओ में सर्च करने और नैविगेट करने का मौक़ा मुहैया कराया है.
हिंदी के साथ-साथ इसे बंगाली, पंजाबी, मलयालम, तमिल और तेलुगू भाषा में शुरू किया गया है. पिछले साल 2008 में फ़ेसबुक के पीछे का चेहरा मार्क ज़ूकरबर्ग भारत आए थे. माना जा रहा है कि शायद फ़ेसबुक की ये नई पेशकश उसी का नतीजा हो.
इसके प्रयोग करने वाले सेटिंग्स में जाकर अपने हिसाब से फ़ेसबुक के लुक को अपने अंदाज़ में बदल सकते हैं या फिर वे यह काम फ़ेसबुक के होमपेज पर मौजूद भाषा के विकल्प के ज़रिए कर सकते हैं.
ऑरकुट के बाद
फ़ेसबुक के मुक़ाबले वाली गूगुल की सोशल नेटवर्किंग की वेबसाइट ऑरकुट में हिंदी तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में ट्रांसलिट्रेशन की सहूलत है.
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वेब की दुनिया दिनों-दिन बहुभाषीय होती जा रही है. फ़ेसबुक का प्रयोग करने वाले पहले भी हिंदी और तमिल में कट और पेस्ट कर सकते थे लेकिन अब इस नए आयाम के जुड़ जाने से वे इन भारतीय भाषाओं में पूरी तरह नैविगेट यानी छान-बीन कर सकते हैं.
हां ये बात ज़रूर है कि अभी इसमें ट्रांसलिटरेशन यानी अक्षरों के अनुवाद की सहूलियत नहीं है जिसके ज़रिए अंग्रेज़ी की-बोर्ड का प्रयोग करते हुए लिखे गए शब्द देशी लिपी में अपने आप अनुदित हो जाए.
इन दिनों स्वर के हिसाब से अंग्रेज़ी लिपी दूसरी भाषाओं में परिवर्तित हो जाती है. फ़ेसबुक में अभी इन पांच भाषाओं में सिर्फ़ नेविगेट करने की सहूलियत है. फ़ेसबुक के मुक़ाबले वाली गूगल की सोशल नेटवर्किंग की वेबसाइट ऑरकुट में हिंदी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में ट्रांसलिटरेशन की सुविधा है. भारत में ऑरकुट के बाद फ़ेसबुक सबसे लोकप्रिय नेटवर्किंग वेबसाइट है.


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