दौसाः पुलिस की गोली से एक की मौत

मतदान केंद्र पर रविवार को पुलिस और उतेजित लोगों के एक समूह की भिडंत हो गई.
पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए हवा में गोलिया चली, इसमें एक व्यक्ति मारा गया. हिंसा में चार अन्य लोग घायल भी हुए हैं.
चुनाव आयोग ने इस केंद्र पर अभी मतदान रद्द कर दिया है.
अधिकारिक सूत्रों ने बीबीसी को बताया की आयोग ने राज्य के उन 60 मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान करने का आदेश दिया था, जहाँ गत सात मई को वोट डालने के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं.
इनमें दौसा संसदीय सीट के भी 14 मतदान केंद्र शामिल थे जहाँ आज दोबारा मतदान हो रहा था.
घटना
अधिकारियों ने बताया कि रविवार को दौसा के गोठडा मतदान केंद्र पर गए एक चुनाव अधिकारी ने गड़बड़ी का अंदेशा देख मतदान रोक दिया.
इस पर भीड़ उतेजित हो गई. भीड़ ने अधिकारी को अपने कब्जे में ले लिया. नतीजन पुलिस ने बल प्रयोग किया.
पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान ही एक व्यक्ति मारा गया. दौसा से आदिवासी मीणा समाज के नेता डॉ किरोडीलाल मीणा और कश्मीर के गुज्जर नेता कमर रब्बानी चेची में सीधा मुकाबला है.
इससे वहां जातीय गुटों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हो गए. यूँ तो दौसा अब जनजाति के आरक्षित हो गया है मगर चेची और उनका गुज्जर समाज कश्मीर में जनजाति दर्जा रखता है इसलिए चेची स्थानीय गुज्जर समाज की मदद से दौसा में चुनाव में खड़े हो गए.
डॉ मीणा पहले ही चेची की उम्मेदवारी पर आपत्ति ज़ाहिर कर चुके हैं. डॉ मीणा ने प्रशासन को 15 मई तक चेची के विरूद्व कार्यवाही का समय दिया है जबकि गुज्जर नेता मीणा के विरूद्व कार्यवाही की मांग कर रहे हैं.


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