राजग ने लुधियाना रैली में किया एकता का प्रदर्शन (राउंडअप)
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि इस ऐतिहासिक और सफल रैली ने देश को यह संदेश दे दिया है कि राजग मजबूत है।
राजग के शीर्ष नेताओं और राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में भारी भीड़ को संबोधित करते हुए आडवाणी ने गठबंधन के लिए इसे अपनी तरह का सबसे बड़ा आयोजन करार दिया है।
आडवाणी ने कहा, "मैं कहना चाहूंगा कि कम समय में आयोजित यह रैली ऐतिहासिक है। वर्ष 1998 में राजग के बनने के बाद यह सबसे बड़ा आयोजन है।"
जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राजग के सभी शीर्ष नेताओं की उपस्थिति से प्रसन्न दिख रहे आडवाणी ने कहा, "इससे स्पष्ट हो गया है कि हम एकजुट हैं। जहां कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन विघटित हो रहा है, वहीं राजग में पांच नए दल शामिल हुए हैं।"
मनमोहन सिंह सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, "मैंने वर्ष 1952 के पहले आम चुनाव से लेकर अब तक 15 सरकारें देखी है। मैं कह सकता हूं कि यह पहली सरकार है जिसके पास अपनी उपलब्धियों के नाम पर बताने के लिए कुछ नहीं है।"
आडवाणी ने कहा कि संप्रग सरकार स्विस बैंकों में पड़े अरबों रुपयों के काले धन के मुद्दे से बचने का प्रयास कर रही है।
रैली में बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (युनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार आकर्षण का केंद्र रहे।
रैली को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि वह यहां गठबंधन के प्रति अपनी निष्ठा और एकता प्रदर्शित करने आए हैं।
नीतीश कुमार ने इसके पहले कहा था कि वह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ किसी मंच पर उपस्थित नहीं होंगे, लेकिन रविवार को राजग की रैली में उपस्थित नीतीश कुमार ने मंच पर मोदी से न सिर्फ हाथ मिलाया, बल्कि दोनों ने एक-दूसरे का गर्मजोशी के साथ अभिवादन भी किया।
नीतीश कुमार ने रैली में कहा, "मैं यहां एकता प्रदर्शित करने आया हूं, राजग के प्रति अपनी निष्ठा प्रदर्शित करने आया हूं।"
उन्होंने जोर देकर कहा, "इस चुनाव में राजग की जीत होने वाली है। यह जीत सिर्फ बिहार में नहीं, बल्कि पूरे देश में होने वाली है।"
उन्होंने लुधियाना के सभी प्रवासी बिहारी श्रमिकों से अकाली दल व राजग को वोट देने की अपील की।
पूरी रैली के दौरान नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी राजग के शीर्ष नेताओं के साथ मंच पर अग्रिम पंक्ति में बैठे रहे।
इसके पूर्व रैली के लिए रवाना होने से पहले नीतीश ने पटना में कहा था कि राजग के अलावा उनके किसी अन्य राजनीतिक गठजोड़ में शामिल होने का सवाल ही नहीं है।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह नीतीश कुमार की तारीफ कर इन कयासों को हवा दे दिया था कि कांग्रेस सत्ता में आने के लिए राजग के कुछ सहयोगियों को तोड़ने का प्रयास कर रही है।
गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नरेंद्र मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु के मामले में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की टिप्पणी पर कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) इस मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रहा है।
मोदी ने कहा, "मैं आपको बताना चाहता हूं कि अफजल गुरु को फांसी देने के मामले में कांग्रेस जनता को बेवकूफ बना रही है। अफजल को फांसी देने के आदेश को कांग्रेस दबा कर बैठी है।"
दरअसल, राहुल गांधी ने कहा था कि अफजल का नाम फांसी की सजा पाए दोषियों की सूची में 22वें स्थान पर है।
अफजल मामले पर मोदी की टिप्पणी पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तत्काल अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी भाजपा नेता के दोहरे मापदंड को उजागर करती है।
सिंघवी ने कहा कि फांसी की सजा के दोषियों की सूची वर्ष 1998 से लेकर 2006 तक लंबित पड़ी हुई है। इस दौरान वर्ष 2004 तक राजग सत्ता में था। इस सूची में अफजल का नाम 22वें स्थान पर है। भाजपा चाहती है कि पिछले दोषियों को सजा दिए बगैर सबसे पहले 22वें दोषी को ही सीधे फांसी पर लटका दिया जाए।
इस मौके पर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) औपचारिक तौर पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गई। टीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव भी रैली में उपस्थित थे।
टीआरएस की मांग अलग तेलंगाना राज्य के गठन की रही है। राव ने पहले ही राजग में शामिल होने का ऐलान कर दिया था।
रैली में जद (यु) अध्यक्ष शरद यादव, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष अजीत सिंह, असम गण परिषद (अगप) अध्यक्ष चंद्रमोहन पटवारी, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला और शिवसेना के नेता मनोहर जोशी भी मौजूद थे।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बी. सी. खंडूरी रैली में उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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