शाही लीची जल्ह ही होगी बाजार में

इस वर्ष अगर सबकुछ ठीकठाक रहा तो 20 मई से लीची बाजार में आ जाएगी। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र ने दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रथम अंतर्राज्यीय कृषि मेले में प्रदर्शन के लिए लीची तुड़ाई की तिथि मई के तीसरे सप्ताह में ही रखी है। इधर, लीची के बाजार में आने के दिन नजदीक आने से लीची के किसानों में खुशी है।
कम हो रहा उस्पादन
मुजफ्फरपुर के लीची किसान रमाशंकर सिंह बताते हैं कि जिले में कुछ दिनों पूर्व तक 7849 हेक्टेयर में लीची के बगान थे परंतु अब यह मात्र 7157 हेक्टेयर ही रह गया है। उन्होंने बताया कि लीची के बगानों तथा उत्पादन दोनों धीरे-धीरे घटते जा रहे हैं।
इधर, लीची के निर्यातक राजकुमार केड़िया बताते हैं कि इस वर्ष कैसी क्वालिटी निकलती है यह देखने वाली बात होगी परंतु उन्होंने इतना अवश्य बताया कि लीची मुजफ्फरपुर के विकास के दरवाजे खोल सकती है। उनका मानना है कि मुजफ्फरपुर में लीची अनुसंधान केन्द्र की आधारशिला भी रखी गई परंतु अब तक इस पर कोई खास कार्य नहीं हो पाया है। बहरहाल, इस वर्ष मई के तीसरे सप्ताह से लीची की तुड़ाई प्रारंभ होने वाली है और कृषक इस लीची के फायदा पर कई ख्वाब पाले हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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