पाकिस्तान के परमाणु हथियार सुरक्षित हैं : जरदारी (राउंडअप)
गुरुवार को सीनेट की विदेश मामलों की समिति के साथ बैठक के बाद जरदारी ने संवाददाताओं से कहा, "मैंने इस सच्चाई को सत्यापित कर दिया है कि हमारी परमाणु क्षमता सुरक्षित हाथों में है।"
इसके साथ ही जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान ने कट्टरपंथियों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है और जब तक सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती तब तक उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
जरदारी ने कहा कि पिछले दो महीने से अमेरिकी अधिकारी लगातार बयान देते रहे हैं कि पाकिस्तान सरकार को तालिबान के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है और अमेरिका हर तरह से मदद करने के लिए तैयार है।
सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के साथ बैठक में जरदारी के अलावा अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है।
उधर पाकिस्तान के उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) के निचले दीर जिले में सेना ने कार्रवाई तेज कर दी है और कम से कम 10 आतंकवादियों को मार गिराया है। लड़ाई तेज होने से इलाके से हजारों लोग अपने घरों से पलायन कर गए हैं।
सैन्य अधिकारियों के हवाले से जियो टीवी ने शुक्रवार को कहा कि तिमारगढ़ इलाके में तालिबान के ठिकानों पर सेना की बमबारी में कम से कम 10 आतंकवादियों की मौत हुई है।
स्वात घाटी की कबाल तहसील में तालिबान के ठिकानों पर लड़ाकू विमानों और हेलीकाप्टरों से बमबारी जारी है।
सूत्रों के अनुसार इस कार्रवाई में अभी तक किसी की मौत के समाचार नहीं मिले हैं। पूरे जिले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू है।
इस बीच अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स की एक समिति ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए पाकिस्तान को 40 करोड़ डॉलर की सहायता राशि मंजूर की है। इस दौरान हाउस के एक प्रमुख सदस्य ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अमेरिकी रणनीति पर सवाल उठाया है।
ओबामा प्रशासन ने इराक और अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कोष के लिए पूरक विधेयक, 2009 के हिस्से के रूप में पाकिस्तान की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए 40 करोड़ डॉलर की रकम मांगी थी।
इराक और अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई और पाकिस्तान की जरूरतों के लिए अभी तक 94 अरब डॉलर के खर्च की मंजूरी मिल चुकी है।
अफगानी सुरक्षा बलों की स्थिति सुधारने पर चार अरब डॉलर से अधिक खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही कृषि, विकास और कानून व्यवस्था ठीक करने पर 1.5 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे।
इस विधेयक में पाकिस्तान और अफगानिस्तान को दी गई सहायता का अमेरिकी सरकार द्वारा निरीक्षण करने का प्रावधान है।
बजट को मंजूरी से पहले समिति के डेमोक्रेट अध्यक्ष डेविड ओबे ने राष्ट्रपति से मतभेद संबधी मीडिया खबरों का खंडन किया, लेकिन उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आशा के अनुरूप परिणाम हासिल करने के बारे में उनका संदेह बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि इसमें कोई शर्त या समय सीमा नही थोपी गई है लेकिन कांग्रेस और प्रशासन द्वारा प्रगति का मूल्यांकन आवश्यक है।
उधर, जरदारी ने भारत के साथ बेहतर रिश्ते की उम्मीद जाहिर करते हुए कहा है, "मैं जानता हूं इस समय भारत के लोग बेहद व्यस्त हैं। लोकतांत्रिक देश हमेशा लोकतांत्रिक देशों के साथ काम करने के इच्छुक होते हैं।"
उन्होंने कहा, "मुझे भारत के साथ रिश्ते बेहतर होने की उम्मीद है और यदि आप अमेरिकी मित्र इसमें हमारी मदद कर सकें तो आपका स्वागत है।"
उन्होंने कहा, "मैं भारत में आम चुनाव संपन्न होने की प्रतीक्षा कर रहा हूं ताकि सारी बयानबाजी थम जाए और मैं भारत सरकार के साथ नए सिरे से बातचीत कर सकूं।"
जरदारी ने कहा कहा, "हम भारत के साथ वाणिज्यिक रिश्ते चाहते हैं। मैं पाकिस्तानी व्यापारियों के लिए भारत के बाजार देख रहा हूं और उम्मीद है कि वे भी ऐसा ही करेंगे। "
जरदारी और करजई इस समय अमेरिका में हैं। वे दोनों अमेरिका के साथ त्रिपक्षीय बैठक में हिस्सा लेने आए थे। दो दिन की बैठक गुरुवार को संपन्न हुई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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