अदालत के सलाहकार बोर्ड ने वरुण पर से रासुका हटाने की सिफारिश की (राउंडअप)
वरुण गांधी ने उच्च न्यायालय के इस फैसले को एक ऐतिहासिक क्षण करार दिया है और कहा है कि सरकार को उनके 20 दिनों के जेल प्रवास के बारे में जवाब देना होगा।
एक बयान में वरुण गांधी ने कहा है कि न्यायपालिका में उनकी अटूट आस्था है।
वरुण गांधी ने कहा है, "मैंने हमेशा न्यायपालिका में भरोसा जताया है और वह आज पूरी तरह साफ हो चुका है। मुझे इस बात की खुशी है कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए रची गई साजिश बेनकाब हो चुकी है।"
उन्होंने कहा, "20 दिनों तक मुझे अनाधिकृत हिरासत में रखने के लिए सरकार को देश की जनता को 20 बार जवाब देना होगा।"
अदालत के इस निर्णय का भाजपा ने भी स्वागत किया है।
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने नई दिल्ली में एक टीवी चैनल से कहा, "वोट बैंक की राजनीति और बदले की राजनीति करने वालों के लिए यह एक तमाचा है। पूरे देश को यह जान लेना चाहिए कि लालू प्रसाद से लेकर मायावती या अन्य जो लोग वरुण के खिलाफ रासुका का समर्थन कर रहे थे, अदालत का यह फैसला उनके गाल पर तमाचा है।"
वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने कहा है कि अदालत के इस फैसले से उन्हें अपार खुशी हुई है। उनके अनुसार यह एक सही फैसला है।
उल्लेखनीय है कि वरुण पर पीलीभीत की एक चुनावी सभा में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में उत्तर प्रदेश सरकार ने रासुका लगा दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने भी उसे सही ठहराया था, लेकिन शुक्रवार को बोर्ड के फैसले से दोनों सरकारों को झ्झटका लगा है।
वरुण गत 28 अप्रैल को इस संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक सलाहकार बोर्ड के समक्ष पेश हुए थे। सलाहकार बोर्ड ने उनका पक्ष सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के वरिष्ठ न्यायाधीश प्रदीप कांत हैं, जबकि उच्च न्यायालय के दो अवकाश प्राप्त न्यायाधीश सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं। सलाहकार बोर्ड को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वरुण गांधी पर लगाए गए रासुका पर अंतिम निर्णय लेना था।
उधर, उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी(बसपा) प्रमुख मायावती वरुण गांधी को किसी भी हाल में छोड़ने की मूड में नहीं हैं। यूपी सरकार की तरफ से कहा गया है राज्य सरकार सलाहकार बोर्ड के इस फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करेगी।
वरुण गांधी उत्तर प्रदेश की पीलीभीत संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हैं। गौरतलब है कि वरुण गांधी पर एक समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने का आरोप है। इसी मामले में मायावती सरकार ने उनके ऊपर रासुका लगाया था और इस कानून के तहत वह जेल में भी रहे थे। इस समय वरुण पैरोल पर बाहर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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