नसबंदी संबंधी अपने बयान पर वरुण गांधी ने सफाई पेश की (लीड-1)
वरुण गांधी ने नई दिल्ली में शनिवार की शाम जारी एक बयान में कहा है, "डेली टेलीग्राफ के डीन नेल्शन को मैंने साफ तौर पर कहा था कि मैं जबरन नसबंदी के पक्ष में नहीं हूं।"
उन्होंने कहा है, "इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है। मैंने पूर्व के किसी नसबंदी कार्यक्रम या नीति को जिंदा करने संबंधी कोई बात नहीं कही है।"
लेकिन लंदन में डेली टेलीग्राफ ने शनिवार को लिखा है कि दिवंगत संजय गांधी के पुत्र और दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पौत्र वरुण गांधी ने अखबार के साथ एक साक्षात्कार में कहा है कि वह देश की एकता के लिए भारत में जबरन सैन्य भर्ती भी लागू करना चाहते हैं और अपने पिता की विवादित जनसंख्या नियंत्रण की नीतियों को फिर से जिंदा करना चाहते हैं।
हालांकि अखबार ने संजय गांधी द्वारा वर्ष 1970 के दशक में लागू की गई जनसंख्या नियंत्रण संबंधी नीतियों को फिर से जिंदा करने संबंधी वरुण के संकल्प का सीधे जिक्र नहीं किया है।
वरुण गांधी ने अखबार से कहा था कि वह अपने पिता के पदचिन्हों पर चलना चाहते हैं और देश को एक मजबूत नेतृत्व प्रदान करना चाहते हैं, जिसका पिछले 20 वर्षो से देश में अभाव बना हुआ है।
वरुण ने अखबार से कहा है, "जो भी व्यक्ति यह कहता है कि सत्ता हासिल करना उसका मकसद नहीं है तो समझिए वह झूठ बोल रहा है।"
अखबार के अनुसार वरुण देश को एकजुट करने तथा जाति व धर्म के भेद को समाप्त करने के मकसद से सभी भारतीयों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य बनाने हेतु संसद में एक विधेयक पेश करने का इरादा रखते हैं।
लेकिन भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने यहां कहा, "यह वरुण का निजी विचार है। जहां तक भाजपा का मामला है, पार्टी परिवार नियोजन का समर्थन करती है, लेकिन जोर जबरदस्ती के साथ नहीं। जबरन नसबंदी हमारी पार्टी की नीति का हिस्सा नहीं है।"
बाद में भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मैंने वरुण का साक्षात्कार नहीं पढ़ा है। हम परिवार नियोजन के पक्ष में हैं, पर जबरन नसबंदी के पक्ष में नहीं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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