कांग्रेस के समर्थन पर कोई फैसला चुनाव बाद सहयोगी पार्टियां करेंगी : करात (लीड-1)
सीएनएन-आईबीएन पर रविवार की शाम प्रसारित किए जाने वाले कार्यक्रम 'डेविल्स एडवोकेट' में करात ने कहा कि कांग्रेस को समर्थन दिया जाए या नहीं, इस पर कोई भी फैसला बीजू जनता दल (बीजद), जनता दल (सेक्युलर), आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुóोत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और वामपंथी पार्टियां संयुक्त रूप से करेंगी।
करात अभी तक यह कहते रहे हैं कि उनकी पार्टी सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को समर्थन नहीं देगी, बल्कि इसके बदले वह केंद्र में एक गैर कांग्रेस और गैर भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सरकार बनाने की कोशिश करेगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या माकपा नेतृत्व वाला वाम मोर्चा इस तरह के किसी संयुक्त निर्णय को मानेगा, इस पर करात ने कहा, "जी हां, हम 10-12 पार्टियों के इस गठबंधन के निर्णय के साथ रहेंगे।"
उन्होंने कहा, "कांग्रेस को इन पार्टियों के गठबंधन के साथ निपटना होगा।"
लेकिन करात ने यहीं पर यह भी कहा कि तीसरा मोर्चा केंद्र में एक गैर कांग्रेसी सरकार के गठन के अपने मकसद पर कायम रहेगा।
उन्होंने कहा, "संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन खुद छिन्न-भिन्न होने की प्रक्रिया में है। ऐसे में कांग्रेस खुद को पूरी तरह अलग-थलग पाएगी।"
करात ने कहा कि अब यह कांग्रेस पर निर्भर करेगा कि वह केंद्र में एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन का निर्णय लेती है या नहीं।
उन्होंने कहा, "तीसरे मोर्चे का प्रदर्शन बहुत अच्छा होने वाला है। यदि आप इसमें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को भी शामिल कर दें तो हम कांग्रेस और भाजपा के मुकाबले आसानी के साथ खड़े हो जाएंगे।"
करात ने कहा कि वह जनता दल (युनाइटेड) व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) जैसी पार्टियों के साथ भी बातचीत कर रहे हैं। लेकिन वह समाजवादी पार्टी (सपा) की गिनती नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वह कांग्रेस के साथ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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