मोइली को मीडिया प्रकोष्ठ से हटाया नहीं गया : जनार्दन द्विवेदी (लीड-2)

कांग्रेस के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख का प्रभार संभालने के कुछ ही घंटों बाद द्विवेदी ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, "मोइली को पद से हटाया नहीं गया है।"

ताजा बदलाव की व्याख्या करते हुए द्विवेदी ने कहा, "चुनाव के दौरान मुझे मीडिया प्रकोष्ठ का प्रभार इसलिए सौंप दिया गया, क्योंकि मैं पहले इसका प्रमुख रह चुका हूं। कर्नाटक में चुनाव समाप्त होने के बाद मोइली इस पद पर वापस आ गए थे। लेकिन पार्टी ने कहा कि कई राज्यों में चुनाव अभी भी चल रहे हैं, लिहाजा कुछ और समय तक मुझे इस पद पर बने रहना चाहिए।"

द्विवेदी ने कहा, "मोइली को पद से हटाया नहीं गया है, बल्कि मुझे कुछ समय के लिए प्रभारी बना दिया गया है। उनके पद से हटाए जाने के बारे में पार्टी की ओर से कोई निर्णय या कोई सूचना नहीं जारी की गई है।"

यह पूछे जाने पर कि क्या 16 मई को चुनाव परिणाम घोषित हो जाने के बाद मोइली दोबारा पद संभालेंगे, इस पर द्विवेदी ने कहा, "हो सकता है।"

इसके पहले वीरप्पा मोइली ने शनिवार को उन खबरों का खंडन किया था, जिसमें कहा गया था कि उन्हें पार्टी के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख का पद छोड़ने के लिए कहा गया था।

सूत्रों के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना करने के बाद उनके खिलाफ यह कदम उठाया गया है। लेकिन इन खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मोइली ने यहां पत्रकारों से कहा था, "यह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का एक अंदरूनी अस्थायी प्रशासनिक बंदोबस्त है। लेकिन इसमें किसी ने किसी तरह की गलत चाल चली है।"

मोइली ने यह भी कहा था कि उनके पद छोड़ने से नीतीश कुमार पर उनके द्वारा की गई टिप्पणी का कुछ भी लेना-देना नहीं है।

मोइली ने कहा था कि उन्होंने 31 मार्च को ही पद छोड़ दिया था, ताकि वह अपने गृह राज्य कर्नाटक में लोकसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित कर सकें। और इसके बाद जनार्दन द्विवेदी को मीडिया प्रकोष्ठ का अस्थायी प्रभारी बना दिया गया था।

हालांकि 31 मार्च के बाद भी मोइली ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में कुछ दैनिक पत्रकार वार्ताओं को संबोधित किया है।

मोइली ने शुक्रवार को जनता दल (युनाइटेड) के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था, "मैं यह नहीं सोचता कि कांग्रेस नीतीश कुमार को हीरो बना रही है। उन्होंने जिस तरह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन किया हुआ है उससे उनकी धर्मनिरपेक्ष छवि खराब हुई है।"

मोइली ने कहा था कि नीतीश कुमार खुद के बारे में अधिक सोचते हैं और उन्हें भाजपा का साथ देने पर पछतावा होगा। उन्होंने कहा, "हम उनसे संपर्क नहीं कर रहे हैं। यदि वह सांप्रदायिक लोगों के साथ रहना चाहते हैं तो यह उनकी मर्जी है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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