श्रीलंकाई तमिलों की मदद करने की कोशिश कर रहा है भारत : प्रधानमंत्री
चुनावी दौरे पर यहां पहुंचे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि वह श्रीलंका की अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को लेकर अत्यंत चिंतित हैं। श्रीलंका में सेना द्वारा 'लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम' (लिट्टे) के खिलाफ चलाए गए अभियान में हजारों लोग मारे जा चुके हैं।
सिंह ने कहा, "इससे हर कहीं लोगों के मन में चिंता उत्पन्न हुई है। हम श्रीलंका में रह रहे तमिलों के शांति और सम्मानपूर्ण जीवन सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि भारत सरकार की सबसे बड़ी चिंता है युद्धग्रस्त इलाकों से भारी संख्या में बाहर आए तमिलों को राहत और सहायता उपलब्ध कराना।
उन्होंने कहा कि भारत इस लड़ाई का खात्मा चाहता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से एक ऐसी व्यवस्था चाहता रहा है जिसके तहत तमिलों को गरिमा और सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिले।
प्रधानमंत्री ने बगैर किसी का नाम लिए तमिलनाडु के उन राजनीतिज्ञों का मजाक उड़ाया जिन्होंने स्वतंत्र तमिल राष्ट्र की स्थापना के लिए श्रीलंका में सेना भेजने की बात कही थी।
सिंह ने कहा, "हमारे सामने एक संप्रभु राष्ट्र है और किसी संप्रभु राष्ट्र में सेना भेजना कोई आसान काम नहीं है।" उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कानून भी अस्तित्व में है और ऐसे बड़े-बड़े वादे करने वाले लोग भी इससे परिचित हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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