मेघालय में महज 14 महीनों में तीसरी सरकार के गठन की तैयारी
शिलांग, 9 मई (आईएएनएस)। मेघालय की राजनीति महज 14 महीनों में तीसरी सरकार के गठन की गवाह बनने जा रही है। दल बदलू नेताओं की यहां बड़ी फौज होने के कारण ही राज्य में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है।
यहां नेता कपड़े की तरह अपनी वफादारी बदलते हैं। देर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मेघालय में राष्ट्रपति शासन की समाप्ति की सिफारिश के बाद कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(राकांपा) गठबंधन सरकार के गठन का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री की कुर्सी पर डी.डी लापांग के काबिज होने की संभावना है। लापांग कहते हैं, "यह लगभग स्पष्ट है कि मेघालय में कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनेगी। राकांपा का हमें समर्थन मिलेगा।" दोनों दलों के बीच हुए समझौते के तहत लापांग मुख्यमंत्री होंगे, जबकि राकांपा नेता पी.ए संगमा के पुत्र कोनराड उप मुख्यमंत्री होंगे। एक राकांपा नेता ने कहा, "सत्ता साझेदारी के फार्मूले पर बातचीत हो रही है। हमारे बीच कोई अड़चन नहीं है।"
राज्य में राष्ट्रपति शासन की नौबत तब आई जब सत्तारूढ़ मेघालय प्रोग्रेसिव एलायंस को समर्थन दे रहे पांच विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया। इन विधायकों ने कांग्रेस का समर्थन करने का ऐलान कर इस पार्टी के नेतृत्व में सरकार के गठन का रास्ता साफ कर दिया।
मार्च 2008 में विधानसभा चुनाव के बाद लापांग को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी, पर विश्वास मत से पहले ही उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया, क्योंकि वह अपेक्षित समर्थन नहीं जुटा पाए। इसके बाद राकांपा ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी(यूडीपी)के नेता दोंकुपर राय के साथ समझौता कर एमपीए के नेतृत्व में सरकार के गठन की राह आसान कर दी। यह सरकार भी ज्यादा समय तक नहीं चल पाई।
पाला बदलने वाले नेताओं ने सरकार के पतन का रास्ता साफ कर दिया। एक सामुदायिक नेता ए.लिंगदोह कहते हैं, "मेघालय में कुछ भी संभव है। पाला बदलना ही यहां की राजनीति है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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