लड़ाई को अंजाम तक पहुँचाएँगे: ज़रदारी

अमरीका दौरे पर गए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा है कि तालेबान के ख़िलाफ़ चल रही कार्रवाई अब अंजाम तक जाकर ही रुकेगी.उ नका कहना था कि कि ये कार्रवाई तब तक चलती रहेगी जब तक जनजीवन सामान्य नहीं हो जाता.
राष्ट्रपति ज़रदारी अमरीका के दौरे पर हैं. उनका ये बयान अमरीकी सीनेटरों के साथ हुई मुलाक़ात के बाद आया है और उनकी हुकूमत के इस फ़ैसले पर अमरीकी सीनेटर और ओबामा प्रशासन पूरी तरह से उनके साथ खड़े नज़र आए. राष्ट्रपति ज़रदारी का कहना था कि ये मामला क्षेत्रीय है और ये मामला दुनिया का भी है और दुनिया ये बात समझ रही है.
विरोध
अमरीका शुरू से ही स्वात में हुए समझौते के ख़िलाफ़ था और उसका कहना था कि पहले भी इस तरह के समझौतों से चरमपंथियों के हाथ मज़बूत हुए हैं और पाकिस्तान कमज़ोर हुआ है और इस बार भी ये कामयाब नहीं होगा. भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने की कोशिशें मैं चुनाव के बाद फिर से शुरू करूँगा और अमरीका अगर इसमें मदद कर सकता है तो उनका स्वागत है ज़रदारी
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पिछले दो महीनों से अमरीकी अधिकारी लगातार बयान देते रहे हैं कि पाकिस्तान सरकार को तालेबान के ख़िलाफ़ और सख़्त क़दम उठाने की ज़रूरत है और अमरीका हर तरह की मदद देने को तैयार है.
गुरुवार को सीनेटरों के साथ हुई इस मुलाक़ात में ज़रदारी और उनकी टीम के अलावा अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई भी थे. सीनेटर जॉन केरी ने इस त्रिपक्षीय मुलाक़ात को बेमिसाल बताया.
उन्होंने कहा कि इसका मक़सद दोनों ही नेताओं को ये बताना नहीं था कि अमरीका उनसे क्या चाहता है बल्कि ये सुनना था कि इस लड़ाई के बारे में और इलाक़े के बारे में उनकी क्या सोच है. सीनेटर केरी उस समिति के चेयरमैन हैं जिसने पाकिस्तान के लिए असैनिक मदद को तिगुना करने का विधेयक पेश किया है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे समझते हैं कि इसे जल्द से जल्द पास करना कितना अहम है और वे इस कोशिश में लगे हुए हैं.
सवाल-जवाब
सीनेट में ज़रदारी और हामिद करज़ई दोनों से काफ़ी तीखे सवाल पूछे गए, आइएसआई की भूमिका के बारे में पूछा गया, इलाके में अमरीकी मौजूदगी के बारे में पूछा गया और सीनेटरों का कहना था कि उन्हें काफ़ी बेबाक जवाब मिले.ज़रदारी ने एक पत्रकार के सवाल के जवाब में ये भी कहा कि भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने की कोशिशें वो चुनाव के बाद फिर से शुरू करेंगे और अमरीका अगर इसमें मदद कर सकता है तो उनका स्वागत है.
सीनेटर केरी का कहना था कि इलाक़े में जो तनाव हैं उनके हल में भारत की अहम भूमिका होगी.उनका कहना था कि विदेश मंत्री हिलरी क्लिंटन और राष्ट्रपति ओबामा भारत के साथ लगातार संपर्क में हैं और भारत ने भी मदद की पेशकश ही है.
वाशिंगटन में हुई इस त्रिपक्षीय मुलाक़ात से ओबामा प्रशासन काफ़ी संतुष्ट नज़र आ रहा है और अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान के ख़ास दूत रिचर्ड हॉलब्रूक ने ये भी ऐलान कर दिया है कि अगस्त महीने के अफ़ग़ानिस्तान चुनाव के बाद एक और ऐसी ही मुलाक़ात फिर से वाशिंगटन में होगी.


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