रैगिंग पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरिजीत पसायत की बेंच ने शुक्रवार को उक्त निर्देश जारी किये। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सभी शिक्षण संस्थानों को अपने-अपने कैंपस में कम से कम एक मनोचिकित्सक नियुक्त करे, जो छात्र-छात्राओं की समय-समय पर काउंसिलिंग कर सके।
छात्रों को नशा करने से रोकें
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में नशा करने का चलन बढ़ा है। इसे रोकने के लिए कोर्ट ने कहा है कि संस्थान में यदि कोई छात्र या छात्रा शराब या ड्रग्स आदि लेता है संस्थान की जिम्मेदारी होगी कि वो छात्र या छात्रा को नशा-मुक्ति केंद्र ले जाये।
सुप्रीम कोर्ट ने आशा जतायी है कि सभी राज्य सरकारें इन निदेर्शों का पालन कर कार्यवाही सुनिश्चित करेंगी। साथ ही कोर्ट को अपनी कार्यवाही से अवगत करायेंगी।


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