बमबारी तेज़ हुई, स्वात से लाखों विस्थापित

महत्वपूर्ण है कि वहाँ से अब भी हज़ारों लोग पलायन कर रहे हैं.
पर्यवेक्षकों का कहना है कि गुरुवार रात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के राष्ट्र को संबोधन के बाद से पाकिस्तानी सेना ने बमबारी तेज़ कर दी है.
गिलानी ने अपने संबोधन में 'चरमपंथियों को ख़त्म कर देने की' घोषणा की थी.
सरकार ने स्वात घाटी और उसके साथ लगते ज़िलों में कर्फ़्यू लगा दिया है.
सेना और चरमपंथियों के बीच झड़पें पश्चिमोत्तर के अन्य क्षेत्रों में फैल गई हैं और बड़ी संख्या में आम नागरिक उन इलाक़ों से अब भी पलायन कर रहे हैं.
लाखों लोग विस्थापित
लेकिन इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कर्फ़्यू लागू होने से लाखों लोगों को वहाँ से बाहर निकलने में परेशानी आ रही है.
ख़बरें आ रही हैं कि तालेबान ने कई सड़कें बंद कर दी हैं और सेना को आगे बढ़ने से रोकने के लिए रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं.
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थियों के लिए एजेंसी यूएनएचसीआर का कहना है कि हाल की लड़ाई के कारण दो लाख लोग विस्थापित हुए हैं और तीन लाख अन्य भी पलायन करने जा रहे हैं.
यूएनएचसीआर के प्रवक्ता के अनुसार हाल की लड़ाई और पहले विस्थापित हुए लोगों की कुल संख्या साढ़े पाँच लाख है और यदि अब और लोग विस्थापित होते हैं तो ये दुनिया में बड़े विस्थापन संकटों में से एक होगा.
उधर पाकिस्तान के प्रवक्ता जनरल अथर अब्बास ने कहा है कि सरकार ने पलायन कर रहे आम नागरिकों के लिए प्रावधान किए हैं.


Click it and Unblock the Notifications