वरुण पर से रासुका हटा, उत्तर प्रदेश सरकार फैसले को देगी चुनौती (लीड-1)
उल्लेखनीय है कि वरुण पर पीलीभीत की एक चुनावी सभा में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में उत्तर प्रदेश सरकार ने रासुका लगा दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने भी इसे सही ठहराया था लेकिन आज बोर्ड के फैसले से दोनों सरकारों को झ्झटका लगा है।
वरुण गत 28 अप्रैल को इस संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक सलाहकार बोर्ड के समक्ष पेश हुए थे। सलाहकार बोर्ड ने उनका पक्ष सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के वरिष्ठ न्यायाधीश प्रदीप कांत हैं जबिक उच्च न्यायालय के दो अवकाश प्राप्त न्यायाधीश सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं। सलाहकार बोर्ड को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वरुण गांधी पर लगाए गए रासुका पर अंतिम निर्णय लेना था।
उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी(बसपा) प्रमुख मायावती वरुण गांधी को किसी भी तरह छोड़ने की मूड में नहीं है। यूपी सरकार की तरफ से कहा गया है राज्य सरकार सलाहकार बोर्ड के इस फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करेगी।
वरुण गांधी उत्तर प्रदेश की पीलीभीत संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हैं। गौरतलब है कि वरुण गांधी पर एक समुदाय के खिलाफ जहरीले बयान देने का आरोप है। इसी मामले में मायावती सरकार ने उनके ऊपर रासुका लगाया था और इस कानून के तहत वह जेल में भी रहे थे। इस समय वरुण पैरोल पर बाहर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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