मध्य प्रदेश में 30 लाख की फिरौती के लिए व्यापारी की हत्या
पुलिस ने एक लड़की सहित दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है जबकि अन्य दो की तलाश जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक व्यवसायी पंकज सिंह पांच मई को अपने मित्र प्रदीप दुबे के साथ कार की सर्विसिंग कराने जबलपुर गया था। जब वह अकेला जबलपुर से लौट रहा था तभी पंकज का अपहरण कर लिया गया। बाद में उसके घर 30 लाख की फिरौती के लिए फोन आए। परिवार की शिकायतों के आधार पर कोतवाली में अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया।
नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक ए़ साई मनोहर ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया है कि नरसिंहपुर एवं जबलपुर पुलिस ने अन्य पुलिस दस्तों की मदद से पंकज की तलाश का अभियान शुरू किया। फिरौती मांगने वालों से जबलपुर में रकम देने का स्थान तय हुआ। रकम का भुगतान होने के बाद पुलिस ने मय रकम के राहुल रजक को दबोच लिया।
राहुल रजक ने पुलिस को बताया है कि उसका कृत्रिम आभूषण का कारोबार है और उस्ोपर कर्ज बहुत ज्यादा है। इसे चुकता करने के लिए उसने प्रदीप दुबे व पंकज सिंह ठाकुर से कुछ पैसे भी मांगे। ऐसा न होने पर उसने पंकज के परिवार से फिरौती वसूलने की साजिश रची। इस साजिश में अशोक विश्वकर्मा और सतीश उसके साथी बने। इन लोगों ने मिलकर एक लड़की डॉली लड़िया के जरिए पंकज से जबलपुर से नरसिंहपुर लौटते वक्त संपर्क किया। पंकज के आने पर तयशुदा योजना के मुताबिक डॉली उसे लेकर भेड़ाघाट चली गई। वहां मौजूद तीनों ने पंकज को अपने पास बुलाया और मार कर नर्मदा नदी में फेंक दिया।
आरोपी राहुल के बयान के मुताबिक पंकज की हत्या के बाद उसने डॉली को पांच हजार रुपए दिए और अपने आप को इन्दौर का बड़ा कारोबारी बताया। इन आरोपियों ने पंकज की कार को हत्या के बाद कुम्हड़ाखेडृा के जंगल में फेंक दिया था। उसके बाद फिरौती के लिए पंकज के घर फोन किया। पुलिस ने पंकज की लाश बरामद करने के बाद राहुल और डॉली को हिरासत में ले लिया है। अन्य दो आरोपियों पर पुलिस ने पांच-पांच हजार का इनाम घोषित कर उनकी तलाश तेज कर दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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