वन्यजीव कार्यकर्ता ने गोवा में बाघ की हत्या का आरोप लगाया
पिछले महीने बाघ के खून से लथपथ शव का चित्र मीडिया को उपलब्ध कराने वाले प्रसिद्ध वन्यजीव कार्यकर्ता राजेंद्र केरकर ने अब कहा कि एक नए चित्र से सिद्ध होता है कि बाघ को गोली मारी गई थी।
उन्होंने कह कि यह चित्र एक शिकारी ने अपने मोबाइल फोन कैमरा से खींचा था और ब्लूट्रथ से अपने दोस्त को दिया था, जहां से वह अन्य लोगों तक पहुंच गया।
केरकर ने कहा कि वन विभाग पर शिकार के मामले को छुपाने का भारी दबाव है क्योंकि वन्यजीव अभयारण्य के आसपास कई ताकतवर राजनेताओं का खनन व्यवसाय है।
बहरहाल मुख्य वन संरक्षक शशि कुमार ने कहा कि विभाग की जांच में बाघ के शिकार का कोई संकेत नहीं मिला है।
कुमार ने पूछा,"जिसने कुमार को चित्र दिया उसका नाम वह हमें क्यों नहीं बताते? जिसने फोटो खींचा उसे सामने लाने से वह क्यों हिचकिचा रहे हैं?"
संयोग से वन विभाग ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त केंद्र की वन्यजीव समिति को इस घटना के बारे में अभी तक कोई सूचना नहीं दी है।
समिति के सदस्य संजीव चड्ढा ने आईएएनएस को बताया कि अभी तक वन विभाग से कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। इस बारे में उन्होंने केवल मीडिया से सुना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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