नेपाली कांग्रेस ने माओवादी सेना की फिर से गिनती करने को कहा
काठमांडू, 8 मई (आईएएनएस)। नेपाल के मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस (एनसी) ने शुक्रवार को माओवादी गुरिल्ला सेना के सदस्यों की फिर से गणना कराने की मांग की है।
कार्यवाहक प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' के एक वीडियो टेप के जारी होने के बाद एनसी की यह मांग सामने आई है। टेप में प्रचंड को यह कहते हुए दिखाया गया है कि संयुक्त राष्ट्र से सत्यापन के दौरान उन्होंने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सदस्यों की संख्या को बढ़ाकर बताया था।
एनसी के शीर्ष नेताओं में से एक सुशील कोइराला ने पीएलए की फिर से गिनती की मांग के साथ ही कहा कि संयुक्त राष्ट्र संस्था की गणना गलत होने के साथ ही पक्षपातपूर्ण भी सिद्ध हो चुकी है।
राजधानी काठमांडू में मीडिया के साथ एक चर्चा में कोइराला ने कहा कि नेपाल में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएन) ने पीएलए के सदस्यों की गणना में गंभीर गलती की है। प्रचंड के टेप ने इस गलती को उजागर कर दिया है। इसलिए वास्तविकता का पता लगाने के लिए एक नई गणना की जानी चाहिए।
कोइराला ने कहा कि यद्यपि उनकी पार्टी का संयुक्त राष्ट्र में पूरा भरोसा है लेकिन यूएनएमआईएन ने पूर्वाग्रह दिखाया है। इससे उसकी विश्वसनीयता पर संदेह होता है।
उल्लेखनीय है कि प्रचंड के इस्तीफा देने के एक दिन बाद मंगलवार को एक निजी टेलीविजन चैनल ने एक टेप प्रसारित किया था। प्रचंड ने इसमें पीएलए के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी संख्या मुश्किल से 7,000 से 8,000 के बीच थी, जिसे बढ़ाकर उन्होंने 35,000 बताया।
यूएनएमआईएन ने पक्षपात और गंभीर गलती के आरोपों से अपना बचाव करते हुए कहा कि पीएलए के सदस्यों के सत्यापन में कोइराला की पार्टी सहित सभी बड़े दल शामिल थे।
संयुक्त राष्ट्र संस्था ने कहा कि सेना ने नई भर्तियां आरंभ करके शांति समझौते का उल्लंघन किया। उसने संकेत किया कि कुछ सैनिकों की भर्ती की मंजूरी देकर गिरिजा प्रसाद कोइराला सरकार ने भी समझौते का उल्लंघन किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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