नरेगा को शहरी इलाकों में लाने की सिफारिश
आयोग ने एक समान देशव्यापी न्यूनतम मजदूरी को लागू करने और काम की न्यूनतम शर्तो को हटाने के लिए कहा है ताकि देश में असंरक्षित कामागारों के लिए एक तरह का सामाजिक धरातल तैयार किया जा सके।
आयोग का कहना है कि देश में 2017 तक असंगठित कामगारों की तादाद कुल कार्यबल की 92-93 प्रतिशत बनी रहेगी।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 'भारत में रोजगार की चुनौती' नाम की एक रिपोर्ट भी सौपीं गई है। इस रिपोर्ट में आयोग ने सलाह दी है कि प्रतिदिन की मजदूरी को न्यूनतम 100 रुपये किया जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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